कुंदन कुमार/पटना। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी कुमार यादव के परिवार से मुलाकात की। हाल ही में बंटी की हत्या के बाद उनके शव के बरामद होने से क्षेत्र में भारी आक्रोश है। प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और न्याय के लिए उनकी लड़ाई में साथ देने का वादा किया।
पुलिस पर मिलीभगत और लापरवाही का आरोप
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि जब बंटी लापता था, तब परिजन धरने पर बैठे थे। प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि दो दिनों के भीतर बंटी को सकुशल खोज लिया जाएगा जिस पर भरोसा कर परिवार ने आंदोलन समाप्त किया। लेकिन पुलिस ने सहयोग करने के बजाय परिजनों को थाने के चक्कर लगवाए। अब चार दिन बाद जब युवक का शव मिला है तो पुलिस उसकी छवि खराब कर अपनी जवाबदेही से भाग रही है।
पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगें
पीके ने परिवार की ओर से प्रशासन के समक्ष तीन सूत्रीय मांगें रखीं:
- अपराधियों की गिरफ्तारी: नामजद प्राथमिकी (FIR) में शामिल सभी अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन्हें सख्त सजा मिले।
- लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: कोतवाली और जक्कनपुर थाने के उन अधिकारियों को निलंबित किया जाए, जिनकी लापरवाही और मिलीभगत से यह घटना घटी।
- मुआवजा और नौकरी: पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, इसलिए सरकार को आश्रितों को उचित मुआवजा और योग्यतानुसार नौकरी देनी चाहिए।
सरकार का आपराधिक चरित्र ही अपराध का कारण
प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि शासन का चरित्र ही आपराधिक हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी विफलता छिपाने के लिए मृतक के चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है।
पीके ने तर्क दिया कि यदि पुलिस का यह दावा सही भी मान लें कि बंटी शराब के धंधे में शामिल था तो उस पर पहले से कोई मामला दर्ज क्यों नहीं था? यदि धंधा चल रहा था तो संबंधित पुलिस अधिकारी क्या कर रहे थे? उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना पुलिस की मिलीभगत के इलाके में अवैध गतिविधियां संभव नहीं हैं। प्रशांत किशोर ने सरकार से स्पष्ट जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की बदहाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

