Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा की एक अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पूर्व 5T अध्यक्ष वी.के. पांडियन के खिलाफ सरकारी हेलिकॉप्टरों के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी एक आपराधिक समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा।
खोर्धा सत्र न्यायाधीश बिरंची नारायण मोहंती ने ‘आपराधिक समीक्षा संख्या 171/2026’ को खारिज करते हुए भुवनेश्वर के एसडीएमजेएम (SDJM) कोर्ट के 25 मार्च 2026 के उस पूर्व आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मूल शिकायत को खारिज कर दिया गया था।
₹500 करोड़ के नुकसान का लगाया था आरोप
शिकायतकर्ता सुधीर चरण मोहंती ने आरोप लगाया था कि नवीन पटनायक और वी.के. पांडियन ने सरकारी हेलिकॉप्टरों का व्यक्तिगत और राजनीतिक कार्यों के लिए अनधिकृत इस्तेमाल किया, जिससे राज्य के खजाने को लगभग ₹500 करोड़ का नुकसान हुआ।
शिकायतकर्ता ने सबसे पहले इस मामले में पुलिस से एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, तो उन्होंने एसडीएमजेएम अदालत का रुख किया। हालांकि, एसडीएमजेएम अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण शुरुआती शिकायत को ही खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ बाद में सत्र अदालत में समीक्षा याचिका दायर की गई थी।
अदालत में दोनों वरिष्ठ नेताओं का पक्ष रखते हुए पूर्व महाधिवक्ता व वरिष्ठ वकील अशोक कुमार परिजा और वकील सीतांशु मोहन द्विवेदी ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई भी दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के अनिवार्य प्रावधानों का भी पालन नहीं किया।
मामले की सुनवाई के बाद खोर्धा सत्र अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता न तो किसी अपराध की पुष्टि कर पाया और न ही BNSS की धारा 173(4) के तहत निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किया। अदालत ने यह भी नोट किया कि धारा 33 के तहत याचिकाकर्ता के पास इस मामले को उठाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। एसडीएमजेएम अदालत के पिछले आदेश को पूरी तरह वैध ठहराते हुए अदालत ने इस याचिका को मेरिट-रहित करार देकर खारिज कर दिया।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



