वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना का भूमिपूजन रविवार को विधायक नीलकंठ तिवारी ने किया। ₹215 करोड़ की इस योजना में 650 मीटर लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क तैयार होगी, जिसका निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना का भूमिपूजन रविवार को संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ तिवारी ने फावड़ा चलाकर सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस परियोजना का शिलान्यास अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
174 से ज्यादा भवनों पर कार्रवाई
परियोजना के तहत अब तक 174 से ज्यादा भवनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अभी सात मकान बाकी हैं, जिन पर भी जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा छह धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया है।
नीलकंठ तिवारी ने बताया कि करीब 215 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 109 करोड़ रुपये लोगों को मुआवजे के रूप में दिए जा चुके हैं।

भूमिगत होंगी सुविधाएं
परियोजना के तहत सड़क पर सीवर लाइन, जल निकासी, पानी के कनेक्शन और वाई-फाई की सुविधा भूमिगत की जाएगी। इसका उद्देश्य सड़क पर तारों का जाल दिखाई न देना और भविष्य में अलग-अलग सुविधाओं के लिए बार-बार सड़क की खोदाई की जरूरत को रोकना है।
सड़क का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान दरबार और बाजार तक पहुंचने में होने वाली परेशानी कम होगी।
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कारोबार को नई पहचान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चौड़ीकरण से कारोबार को भी नई पहचान मिल सकती है। यहां काशी के ओडीओपी और जीआई उत्पादों को जगह देने की बात कही गई है, जिससे उन्हें नया बाजार मिलेगा।

लोगों का कहना है कि भीड़ के कारण दालमंडी का बाजार धीरे-धीरे विलुप्त हो रहा था, लेकिन परियोजना से उसे नई दिशा मिलेगी। चौड़ी सड़क बनने के बाद यहां चार पहिया वाहन भी आ सकेंगे, जिससे बाबा के दरबार आने वाले लोगों को सुविधा होगी।
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650 मीटर लंबी सड़क
दालमंडी परियोजना की लागत करीब 215 करोड़ रुपये है। इसके तहत 181 घरों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया है। करीब 650 मीटर लंबी सड़क तैयार होगी, जिसकी कुल चौड़ाई 60 फीट होगी।
इसमें 30 फीट सड़क और दोनों तरफ 15-15 फीट के फुटपाथ बनाए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंचने का अलग रास्ता तैयार करना है, ताकि वे सुगमता से वहां पहुंच सकें। इसके साथ ही यहां टूरिस्ट कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा।


