सुरेश पांडेय, सिंगरौली। जिले से जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के रिहंद डैम में अचानक 500 से अधिक मछलिया मृत पाई गई हैं। घटना के बाद पूरे नगर निगम क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस डैम के पानी से शहर के लाखों नागरिकों के घरों में पीने के पानी की सप्लाई होती है। इस घटना से स्थानीय लोगों में अब इस बात को लेकर दहशत हैं कि कहीं वे अंजाने में जहरीला या प्रदूषित पानी तो नहीं पी रहे हैं।
ये भी पढ़ें : जलसंकट से परेशान ग्रामीणों का प्रदर्शन: खाली बर्तन रखकर किया चक्काजाम, आश्वासन पर खोला रास्ता
यह सिर्फ मछलियों की मौत नहीं, इंसानी जिंदगी का सवाल है – AAP
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष लालबाबू कुशवाहा ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पेयजल सप्लाई को लेकर तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की है। लालबाबू का कहना है कि रिहंद डैम पूरे नगर निगम क्षेत्र की लाइफलाइन है। यहां से रोज हजारों-लाखों लोग अपनी प्यास बुझाते हैं। ऐसे में मामला केवल मछलियों की मौत तक सीमित नहीं माना जा सकता। यदि पानी में कोई घातक केमिकल मिला है या प्रदूषण फैला है तो इसका सीधा और जानलेवा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ेगा। दूषित पानी से शहर में कोई बड़ी बीमारी या महामारी फैल सकती है। प्रशासन को तुरंत पानी की शुद्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
आम जनता की सेहत और जीवन से जुड़ा मामला होने के कारण जिला प्रशासन ने इसे मेडिकल इमरजेंसी की तरह लिया है। आनन-फानन में एक बड़ी संयुक्त जांच टीम गठित की गई है। जिसने रिहंद डैम पहुंचकर मोर्चा संभाला। विशेषज्ञों की टीम ने डैम के अलग-अलग कोनों से पानी के सैंपल और मृत मछलियों को सैंपल के तौर पर लिया है। जिससे लैब में यह टेस्ट किया जा सके कि पानी इंसानों के उपभोग के लिए कितना सुरक्षित है।
ये भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 रुपए प्रति लीटर कमी की मांग: पूर्व सीएम बोले- ज्यादा टैक्स ले रही सरकार, जानें कितना है फ्यूल पर TAX
प्रशासन का दावा: जनता पैनिक न हो, मछुआरों की लापरवाही संभव
इस पूरे मामले पर बैढ़न के एसडीएम सुरेश जाधव ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने प्राथमिक जांच के आधार पर बताया कि शुरुआती तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिन मछुआरों को वहां मछली पकड़ने का लाइसेंस मिला है उन्होंने बड़ी मछलियां पकड़ने के चक्कर में छोटी मछलियों को वापस पानी में छोड़ दिया होगा, जिनकी बाद में मौत हो गई। फिर भी मामला सीधे तौर पर जनता के पीने के पानी और स्वास्थ्य से जुड़ा है इसलिए हम कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। पानी के नमूनों की विस्तृत लैब रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम सच सामने आएगा।

