स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से पहले राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने सेकेंड हैंड वाहन ( second-hand car dealers) बाजारों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है और सभी जिलों को पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य बिना दस्तावेजों के होने वाले वाहन सौदों पर रोक लगाना और किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को समय रहते पहचानना है। पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले डीलरों और बाजारों में रखे गए रिकॉर्ड की जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई संदिग्ध वाहन गलत तरीके से इस्तेमाल न हो सके।

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने अपनी सुरक्षा रणनीति को और व्यापक बनाते हुए एक नया आयाम जोड़ा है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था केवल संवेदनशील इलाकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क को भी जांच के दायरे में लाया गया है। दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच करें। विशेष रूप से उन मामलों पर नजर रखी जा रही है, जहां वाहन हस्तांतरण की प्रक्रिया अधूरी हो या बिना उचित दस्तावेजों के सौदे किए गए हों।

हर जिले में चलेगा सत्यापन अभियान

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस ने राजधानी भर में सेकेंड हैंड वाहन कारोबार से जुड़े लोगों के सत्यापन का विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सेकेंड हैंड कार डीलरों, ब्रोकरों और वाहन कारोबारियों का व्यापक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान वाहन खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों की पहचान की जांच की जाएगी। इसके साथ ही वाहन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) ट्रांसफर की स्थिति, पता सत्यापन और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा।

सुरक्षा समीक्षा बैठक में बनी रणनीति

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी सिलसिले में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में सुरक्षा इंतजामों और संभावित खतरों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त अनिल शुक्ला ने राजधानी की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित सुरक्षा चुनौतियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों को विभिन्न सुरक्षा पहलुओं से अवगत कराया गया और स्वतंत्रता दिवस से पहले सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिला पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सेकेंड हैंड वाहन कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए। पुलिस का मानना है कि वाहन खरीद-बिक्री से संबंधित अनियमितताएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती हैं, इसलिए इस क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

लालकिला विस्फोट जांच से सबक

स्वतंत्रता दिवस से पहले सेकेंड हैंड वाहन बाजारों पर दिल्ली पुलिस की बढ़ी निगरानी को पिछले वर्ष लालकिला क्षेत्र में हुए विस्फोट की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उस मामले की जांच में सामने आई खामियों ने वाहन खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की अहमियत को उजागर किया था। सूत्रों के अनुसार, पिछले साल हुई जांच में यह सामने आया था कि कथित तौर पर इस्तेमाल की गई ह्युंडई i20 कार का स्वामित्व आधिकारिक रूप से स्थानांतरित नहीं किया गया था, जबकि वाहन कई लोगों के बीच खरीदा और बेचा जा चुका था। दस्तावेजों और वास्तविक उपयोगकर्ता के बीच इस अंतर ने जांच एजेंसियों के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दी थीं।

दिल्ली की सीमाओं से होटल और कबाड़ी बाजार तक सख्त निगरानी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पहचानने और उस पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी जिला पुलिस इकाइयों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है। प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग, वाहन चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है। वहीं होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को भी मेहमानों के रिकॉर्ड का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

किरायेदार सत्यापन अभियान को भी तेज किया गया है, ताकि बिना पहचान और दस्तावेजों के रह रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। इसके अलावा कबाड़ी बाजारों और स्क्रैप डीलरों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां इन्हें संवेदनशील श्रेणी में मानती हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन से पहले सुरक्षा में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसी उद्देश्य से होटल, गेस्ट हाउस, वाहन बाजार, कबाड़ी बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित जांच और सत्यापन अभियान चलाए जा रहे हैं।

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