चंडीगढ़. पंजाब में धान की कटाई के सीजन में पराली जलाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। बुधवार को इस सीजन का रिकॉर्ड 283 मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद कुल घटनाएं 1,216 तक पहुंच गईं। इनमें सबसे ज्यादा मामले तरनतारन में सामने आए हैं। एफआईआर, रेवेन्यू रिकॉर्ड में लाल एंट्री और लाखों रुपये के जुर्माने के बावजूद किसान पराली जलाना बंद नहीं कर रहे।
तरनतारन सबसे आगे, अमृतसर और संगरूर दूसरे-तीसरे स्थान पर इस साल अब तक दर्ज 1,216 मामलों में तरनतारन सबसे आगे है, जहां 296 घटनाएं दर्ज हुई। अमृतसर में 173 मामले और संगरूर में 170 मामले दर्ज होने से ये जिले क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
बुधवार को दर्ज 283 मामले इस सीजन का एक दिन का रिकॉर्ड है। इससे पहले सोमवार को 147 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले एक हफ्ते में तेजी आई है – 21 अक्टूबर से अब तक 9 दिनों में 820 मामले सामने आए है।

धान की 70% कटाई हुई, और मामले बढ़ने की आशंका
जानकारी के अनुसार, पंजाब में धान की लगभग 70% कटाई हो चुकी है। आने वाले दिनों में पराली जलाने के और मामले सामने आने की संभावना हैं। पिछले साल के मुकाबले कमी, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर
हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस बार कमी आई है
- 2024 (29 अक्टूबर तक): 2536 मामले
- 2023 (29 अक्टूबर तक): 5254 मामले
- 2022 (29 अक्टूबर तक): 12112 मामले
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