सतीश सिंह, मथुरा. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं. भारत अपनी विरासत से जुड़कर ही विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास के नाम पर विरासत का अपमान किया गया और इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने का प्रयास हुआ. विदेशी आक्रांताओं ने भारत के इतिहास और ऐतिहासिक चिह्नों को नष्ट किया, अंग्रेजों ने भी यही किया, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तो इस हद को भी पार कर दिया. उन्होंने कहा कि आज मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन अपनी धार्मिक विरासत और उत्सवों के लिए पूरी दुनिया में पहचान बना रहे हैं. सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या 2017 से पहले ऐसा वातावरण संभव था? जून 2016 के जवाहर बाग कांड का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस घटना में 29 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. ऐसे उपद्रव और अराजकता के माहौल में उत्सव और विकास की कल्पना कैसे की जा सकती थी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत की बात करते समय इतिहास की ओर देखना जरूरी है. भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनर्निर्माण का भी इतिहास है. यह सनातन की निरंतरता का इतिहास है और मथुरा इसका जीवंत उदाहरण है. उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशवदेव मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर ने अनेक आक्रमण सहे. विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा सके. जन्माष्टमी का आयोजन नहीं रुका और गोवर्धन की परिक्रमा भी कभी नहीं रुकी. यही सनातन और ब्रज की शक्ति है.

काशी और अयोध्या का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि औरंगजेब ने मंदिर को तोड़ा, लेकिन परंपरा समाप्त नहीं हुई. बाद में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने इसका पुनर्निर्माण कराया और आज काशी विश्वनाथ धाम भव्यता के साथ आधुनिकता का भी प्रतीक बन चुका है.अयोध्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1528 में बाबर ने भगवान श्रीराम के मंदिर को तोड़कर गुलामी का ढांचा खड़ा कर दिया था, लेकिन रामनवमी, पंचकोसी और चौदह कोसी परिक्रमा की परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई. सनातन की आभा आगे बढ़ती रही और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जो त्रेता युग की स्मृतियों को जीवंत करता है.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए. दुनिया के कई देशों की आबादी भी इतनी नहीं है. यह बदलते उत्तर प्रदेश का प्रमाण है. बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून-व्यवस्था और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है.

दंगा और कर्फ्यू से मुक्त यूपी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पूर्व में हुई दंगा प्रभावित घटनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बरेली में महीनों तक दंगे होते रहे. सरकारें दंगाइयों के सामने नतमस्तक होती थीं और उन्हें सम्मानित तक किया जाता था. मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मेरठ और लखनऊ में भी दंगे हुए. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों से उत्तर प्रदेश कर्फ्यू और दंगों से मुक्त है. अब प्रदेश की पहचान कर्फ्यू और दंगों से नहीं, बल्कि उत्सवों से हो रही है.