सतीश सिंह, आजमगढ़. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को नई पीढ़ी और छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की एकजुटता और संघर्ष के आगे भाजपा की अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा. उन्होंने कहा कि इस्तीफे की खबर से देशभर के छात्र-युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और कई जगहों पर लोगों ने खुशी भी मनाई.
शनिवार को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को छात्र-युवाओं से संवाद कर काफी पहले ही यह फैसला कर लेना चाहिए था. उनका कहना था कि नीट पेपर लीक की घटना और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे संभालने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जब सरकार ने स्वयं पेपर लीक की बात स्वीकार की थी, तब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पहले ही हो जाना चाहिए था.
इसे भी पढ़ें : मायावती ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, छात्रों पर कार्रवाई का विरोध, FIR वापस लेने की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि यह आंदोलन सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से पूरे देश में फैला और “जेन जी” की ताकत ने सरकार को अपना रुख बदलने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि अब सरकार को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत बनाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो. सपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग लगातार उठाई और छात्र-युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने प्रयागराज, बीएचयू, लखनऊ सहित देशभर के आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा विरोधी नीतियां अपना रही है और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी कानूनी सहित हर स्तर पर संघर्ष करेगी. उन्होंने यह भी मांग की कि नीट परीक्षा लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करे. साथ ही कहा कि सरकार को युवाओं के रोजगार, निष्पक्ष भर्ती और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए.


