भिलाईनगर। बीएसपी ने भिलाई निगम को प्रस्तुत संपत्तिकर स्वविवरणी में सभी भवनों व जमीनों का विवरण नहीं दर्शाया है। बीएसपी की परिसंपत्तियों की पूरी जानकारी लेने के लिए भिलाई निगम ने संयंत्र के अंदर खाली जमीनों, भवनों और टाउनशिप के सभी कम्पनी आवासों, इस्पात भवन, नगर सेवाएं भवन सहित सभी कार्यालयों, सेक्टर 9 हास्पिटल, सभी दुकानों, सामाजिक-धार्मिक-शैक्षणिक भवनों, लीज आवासों की नापजोख व सर्वे के लिए टीम बना दिया है।
बीएसपी और भिलाई निगम के बीच संपत्ति कर का विवाद अब तक नहीं थमा है। भिलाई निगम ने बीएसपी से पूरी संपत्तियों का ब्योरा नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ नगरपालिका नियम 2021 के नियम 14 का हवाला देते हुए संयंत्र के स्वामित्व वाली जमीनों व भवनों के नापजोख कराने का निर्णय लिया है।

भिलाई निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने बीएसपी क्षेत्र की पूरी परिसंपत्तियों की नापजोख के लिए 15 लोगों की टीम बना दी है। इसके लिए नोडल अधिकारी राजेन्द्र कुमार दोहरे, अपर आयुक्त एवं सहायक नोडल अधिकारी अनिल मेश्राम सहायक राजस्व अधिकारी जोन क्रमांक 5 व बसंत कुमार देवांगन प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी जोन क्रमांक 03 नियुक्त किए गए हैं।
सेक्टर क्षेत्र को नापने की जिम्मेदारी इनकी
सेक्टर 01 से सेक्टर 5, सेक्टर 11,15, कैम्प 1 एफएस में स्थित भवन व भूमि को मोहनलाल यादव, राहुल राजपूत, रोहित कुमार यादव, श्याम कुमार ठाकुर, धर्मरक्षक पाठक नापेंगे। सेक्टर 6 से सेक्टर 8, सेक्टर 9 से सेक्टर 10, हास्पिटल सेक्टर में स्थित भवन भूमि को प्रहलाद लहरे, टेकराम, गणित राम, विनोद कुमार यादव, महेन्द्र कुमार बाघमारे नापेंगे।
संयंत्र के अंदर भूमि भवनों की नपाई ये करेंगे
संयंत्र के अंदर के भवनों, ओपन लैंड की नपाई की जिम्मेदारी मोहनलाल यादव, राहुल राजपूत, रोहित कुमार यादव, श्याम कुमार ठाकुर, धर्मरक्षक पाठक, प्रहलाद लहरे, टेकराम, गणित राम, विनोद कुमार यादव, महेन्द्र कुमार बाघमारे को दी गई है।
म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा
भिलाईनगर। छावनी पुलिस ने म्यूल अकाउंट रैकेट बेनकाब करते हुए साइबर ठगी में म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए 23 लोगों पर कार्रवाई की है।
आरोप है कि ये लोग साइबर ठगों को अपने और दूसरे लोगों के बैंक खाते इस्तेमाल करने के लिए देते थे, ताकि ठगी के पैसे आसानी से एक खाते से दूसरे खाते में भेजे जा सके। पुलिस ने 15 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि 8 को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। आरोपियों के पास से मोबाइल, एटीएम बैंक पासबुक समेत अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि बैंक खातों की जानकारी, तकनीकी इनपुट और अन्य सबूतों के आधार पर जांच की। जांच में पता चला कि कुछ लोग कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते मुहैया कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था।
जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से मिले पैसे सबसे पहले इन म्यूल अकाउंट्स में जमा कराई जाती थी। इसके बाद आरोपी इस रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि असली साइबर ठगों तक पुलिस की पहुंच मुश्किल हो जाए।
पुलिस अब ऐसे बैंक खाते मुहैया कराने वालों पर भी कड़ी नजर रख रही है। 29 जून को कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में कई आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को मुहैया कराने की बात स्वीकार किया है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक और बैंकिंग से जुड़े कई अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त किए गए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
याचिका खारिज, भिलाई निगम आयुक्त अपने पद पर बने रहेंगे
भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को पद से हटाने और कार्य करने पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर ने खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आयुक्त राजीव कुमार पांडेय अपने पद पर बने रहेंगे।
भिलाई नगर निगम के कांग्रेसी पार्षदों ने महापौर नीरज पाल, एमआईसी सदस्यों और 32 पाषर्दों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि 25 मार्च को नगर निगम की सामान्य सभा में नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 54 (2) का हवाला देते हुए आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। आरोप था कि आयुक्त ने बजट संबंधी प्रस्ताव तो शासन को भेज दिया, लेकिन अपने विरुद्ध पारित प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा।
इसके बाद महापौर, एमआईसी सदस्यों और पाषर्दों ने कलेक्टर, मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शासन से शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर 12 मई को हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल नगर निगम की सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित होने के आधार पर किसी निकाय के आयुक्त को पद से नहीं हटाया जा सकता, क्योंकि इसके लिए
महापौर को फिर एक झटका
भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने भिलाई निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को हटाने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन अब तक उन्हें विफलता ही हाथ लगी है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने भी हाल ही में कहा है कि भिलाई निगम के आयुक्त को हटाने का पावर केवल राज्य शासन के पास है।
76 साल बाद राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर
दुर्ग। तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग की हुई बड़ी लापरवाही का खामियाजा 76 साल बाद दुर्ग शहर के 27 भूमि स्वामियों को भुगतान पड़ रहा है। उनके पास बाकायदा रजिस्ट्री कागज, नक्शा-खसरा और ऋण पुस्तिका होने के बावजूद राजस्व विभाग द्वारा उन्हें नोटिस जारी किया गया है, और उक्त जमीन को शासकीय जमीन बताते हुए शासन के अधीन करने की सिफारिश की गई है। नोटिस मिलने के बाद 27 भूमि स्वामियों ने विरोध शुरू किया है और उनका कहना है कि यदि शासकीय भूमि थी तो उसकी रजिस्ट्री क्यों की गई। उस समय के राजस्व विभाग की घोर लापरवाही 76 साल बाद उजागर हुआ है।
इस मामले का खुलासा ऐसे हुआ कि ग्राम बोरसी स्थित शासकीय भूमि 194/1, रकबा 1.3680 हेक्टेयर पर अतिक्रमण के संबंध में संदर्भित ज्ञापन के परिपालन में राजस्व विभाग द्वारा एक टीम गठित की गई। गठित दल द्वारा जिला अभिलेखागार से प्राप्त निस्तार पत्रक में संलग्न फॉर्म अ (1) फेरिस्त बाबत गैर मकबूजा के जमीन जो मध्य प्रदेश मालगुजार दफा 1950-51 के अनुसार सरकार के अधीन हुई है।
मौजा बोरसी बंदोबस्त नंबर 404, पटवारी हल्का नंबर 79/54 तहसील दुर्ग के सत्यप्रतिलिपि के अवलोकन से ज्ञात हुआ है कि सुशीला देवी के भूमि स्वामी स्वत्व की भूमि खसरा नंबर 182, रकबा 35.53 एकड़ एवं खसरा नंबर 292, रकबा 4.50 एकड़, कुल रकबा 40.03 से शासकीय भूमि विभिन्न खसरा का कुल 23.97 एकड़ को भूमि स्वामी के घास भूमि चराई मद का तबादलानामा किया गया है। लेकिन कतिपय कारणों से राजस्व अभिलेख में सुशीला देवी के नाम पर दर्ज भूमि 40.03 एकड़ को शासकीय भूमि दर्ज नहीं किया गया।
सुशीला देवी ने बैनामा 4/11/1963 के अनुसार लीना उर्फ लावण्य भूमि स्वामी को विक्रय किया जो वर्तमान राजस्व अभिलेख में भी भूमि स्वामी दर्ज है। गठित दल द्वारा उपरोक्त तथ्यों से कलेक्टर को अवगत कराया गया। जिनके द्वारा भी उक्त भूमि को नियमित शासकीय भूमि दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश के बाद 27 लोगों को नोटिस जारी किया गया है, और उन्हें कहा गया है कि उक्त भूमि को शासकीय दर्ज किया जाना उचित प्रतीत होता है।
फर्जी प्रमाण पत्र देकर बना आरक्षक, अपराध दर्ज
दुर्ग। भेल ग्राउंड भोपाल में औद्योगिक सुरक्षा बल आरक्षक के पद पर नियुक्ति के दौरान फर्जी दस्तावेज देकर नौकरी पाने वाले आरोपी जीडी मोहित के खिलाफ उतई थाना पुलिस ने निरीक्षक प्रार्थी कुमार अनीश की शिकायत पर धारा 318 (4), 336 (3), 340 (2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
एसएससी आरक्षक व जीडी भर्ती वर्ष 2025 के तहत पद पर चयन के लिए मोहित के द्वारा भर्ती स्थल भेल ग्राउंड भोपाल मध्य प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र दिए गए थे, वह दस्तावेज फर्जी पाए गए है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल आरटीसी भिलाई पोस्ट उतई को पत्र द्वारा सूचित किया गया कि एसएससी आरक्षण जीडी भर्ती 2025 के तहत जीडी पद पर मोहित के द्वारा भोपाल में शारीरिक दक्षता टेस्ट एवं शारीरिक मैनेजमेंट टेस्ट संपूर्ण दस्तावेज जमा करवाए एवं शारीरिक दक्षता तथा टेस्ट शारीरिक मैनेजमेंट टेस्ट में पास होने के पश्चात मेडिकल टेस्ट दिया गया था।
मेडिकल टेस्ट में पास होने के पश्चात बुनियादी प्रशिक्षण हेतु आरटीसी भिलाई उतई भेजा गया था जो कि इस आरटीसी में बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। स्थाई पता प्रमाण पत्र जारी कर्ता अधिकारी से सत्यापन करने पर तहसीलदार लालबर्रा जिला बालाघाट मध्य प्रदेश के कार्यालय से जांच में प्रमाण पत्र गलत पाया गया। उक्त बल सदस्य का जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन करने पर जाति प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया।
उपरोक्त पत्र प्राप्त होने के बाद जीडी मोहित की केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सेवा समाप्त कर दी गई। भूतपूर्व आरक्षक जीडी मोहित द्वारा यह जानते हुए भी कि यह दस्तावेज फर्जी है उसका उपयोग किया गया था।
अब तक सामान्य से 90 मिमी कम हुई वर्षा
दुर्ग। जिले गत वर्ष के मुकाबले 38 एवं सामान्य से 90 मिमी कम वर्षा हुई है। अब तक की स्थिति में मात्र 42 प्रतिशत बारिश हुई। दो दिनों आसमान में काली घटाएं छाए रहने के बावजूद नहीं बदरा नहीं बरसा ।
जानकारी के मुताबिक जिले में 30 जून की स्थिति में मात्र 65 मिमी वर्षा हुई है जो कि आज की तिथि में गत हुई वर्षा 103.7 मिमी से 38.3 मिमी कम है। वहीं औसत वर्षा 155.8 मिमी से 90.8 मिमी कम है।
जिले के सभी तहसीलों में सामान्य से बहुत कम वर्षा हुई है। वहीं दुर्ग में अन्य सभी तहसीलों धमधा, पाटन, बोरी, भिलाई 3 एवं अहिवारा तहसील में गत वर्ष की तिथि में हुई बारिश की तुलना में कम आज वर्षा हुई है।
खाद्य अधिकारी के विरूद्ध जांच समिति गठित
राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने व्यावसायिक संगठनों द्वारा अभिहित जिले के विभिन्न व्यापारी एवं अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन तरूण बिरला के कार्यप्रणाली के आधार पर कार्य व्यवहार एवं को लेकर प्रस्तुत शिकायतों जांच समिति का गठन किया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, थोक किराना व्यापारी संघ, होटल हलवाई संघ, फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित अन्य व्यापारी संगठनों द्वारा अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन तरूण बिरला के कार्यप्रणाली के कारण व्यापारियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित शिकायत की गई है। साथ ही एवं परेशान करने की वातावरण पर प्रतिकूल व्यापारिक प्रभाव पड़ने के संबंध में आरोप लगाए गए है।
कलेक्टर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित किया है। जांच समिति द्वारा प्राप्त शिकायतों में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करते हुए संबंधित पक्षों के कथन एवं उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा तथा तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन, स्पष्ट अभिमत एवं अनुशंसाओं आवश्यक सहित 7 दिवस के भीतर कार्यालय कलेक्टर राजनांदगांव में प्रस्तुत करने निर्देशित किए गए है।
खेल मैदानों की हो रही दुर्दशा, किराए पर भी दिए जा रहे
राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय में खेल मैदाने की दुर्दशा पूरी तरह से देखने को मिल रही है। खेल मैदाने के रखरखाव में विशेष ध्यान नहीं दिए जाने के कारण जिले के होनहार क्रिकेटर, फुटबॉलर, वॉलीबॉल हॉकी सहित अन्य खेल से जुड़े खिलाड़ियों को काफी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय में कुछ खेल मैदाने को किराए पर भी दिया जा रहा है। इससे भी खिलाड़ियों की परेशानियां बढ़ रही है। राजनांदगांव जिलेभर में खिलाड़ियों का बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ देने के लिए अधिक से अधिक मैदानी की व्यवस्था कराई गई है।
गांव-गांव में भी मैदान तैयार किए गए, लेकिन उनके रखरखाव में विशेष ध्यान नहीं दिए जाने के कारण खिलाड़ियों को खेल के मैदाने का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में स्थित खेल मैदानों में भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिल रही है।
कहने को तो राजनांदगांव जिला मुख्यालय में ऐतिहासिक दिग्विजय स्टेडियम से लेकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम है। लेकिन इसकी अतिरिक्त म्युनिसिपल स्कूल का खेल मैदान और स्टेट स्कूल का मैदान तथा कमला देवी महिला महाविद्यालय का मैदान भी सुरक्षित नहीं है।
कुछ नगर निगम की स्कूलों में भी मैदाने की व्यवस्था की गई है लेकिन उनका रखाव नहीं किया जा रहा है इसकी भी लगातार शिकाय मिल रही है। खेल मैदानों का सही रख रखाव नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को काफी अधिक निराशा हाथ लग रही है।
क्या कहते हैं पूर्व के कोच
राजनांदगांव जिला मुख्यालय में खेल को नई दिशा देने वाले हॉकी क्रिकेट सहित अन्य खेलों में अपनी पहचान बना चुके पूर्व कोच भूषण साव, रणविजय प्रताप सिंह सहित अन्य कोच का कहना है कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय में खेल मैदानों के रख रखाव में जो गंभीरता दिखानी चाहिए उस प्रकार की गंभीरता देखने को नहीं मिलती है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय को वैसे लिए तो खेल नगरी के रूप में अपनी प्रसिद्धि प्राप्त हैं। लेकिन खेल मैदान अभी भी आधुनिक स्वरूप नहीं ले पा रहे हैं।
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