बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर निकलना पड़ा था जिसका कारण हिंसक छात्र आंदोलन भी था. साल 2024 में हुए हिंसक छात्र आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा उस्मान हादी था. अब उस्मान हादी की हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा आया है. बांग्लादेश के युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या मामले में उनके बड़े भाई उमर हादी ने दावा किया है कि युवा नेता की हत्या के पीछे सत्तारूढ़ BNP, विपक्षी दल सहित पूर्व अंतरिम सरकार पर लगाया है.
उस्मान हादी ही 2024 के विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कट्टर आलोचक थे और उन्होंने शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था.
शरीफ उस्मान हादी भारत के भी कड़े आलोचक थे. उन्होंने इंकलाब मंच पार्टी का गठन किया था और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर संसदीय चुनाव के प्रचार में लगे हुए थे. 12 दिसंबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान ही नकाबपोश बंदूकधारियों ने ढाका में उनके सिर में गोली मार दी थी जिसके छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी.
अब उनके बड़े भाई उमर हादी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई की हत्या में सत्तारूढ़ BNP, विपक्षी जमात-ए-इस्लामी के साथ ही साथ अंतरिम सरकार के सलाहकारों का भी हाथ है. मंगलवार रात फेसबुक पर ब्रिटेन में बांग्लादेश के राजनयिक उमर हादी ने दो पोस्ट शेयर किए है. उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि ‘जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान के एक निजी सचिव ने मेरे भाई शरीफ उस्मान हादी की हत्या की रूपरेखा तैयार की थी.
उमर हादी ने आगे आरोप लगते हुए बोला कि पिछली अंतरिम सरकार के कुछ मंत्री और मौजूदा BNP सरकार के सांसद और मंत्री सीधे तौर पर इस हत्या में शामिल थे. हादी ने आगे बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान से अपील करते हुए अपने पोस्ट में लिखा है कि मेरे भाई की इस हत्या में शामिल सभी लोगों को कानून के कटघरे में लाएं. उमर हादी ने पीएम तारिक रहमान को आगाह करते हुए कहा कि अगर कातिलों को नहीं पकड़ा गया तो वह आपको भी मार डालेंगे.
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