सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने भारतीय जाली मुद्रा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को एक दिन पूर्व पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान जाकिर (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है.

यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के कुछ तस्कर बांग्लादेश में छपी भारतीय जाली मुद्रा को अवैध रूप से भारत में लाकर उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के जिलों में सप्लाई कर रहे हैं. इस सूचना के आधार पर एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के माध्यम से जांच शुरू की.

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जाली नोट लेकर आने वाला था यूपी

जांच के दौरान पता चला कि मोहम्मद सुलेमान अंसारी, निवासी वैशाली (बिहार), भारतीय जाली मुद्रा की तस्करी में सक्रिय है और जाली नोट लेकर उत्तर प्रदेश आने वाला है. इसके बाद एटीएस ने कार्रवाई करते हुए सुलेमान अंसारी और उसके सहयोगी इदरीश को वाराणसी से दो लाख रुपये की जाली भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया था.

बांग्लादेश से था नेटवर्क

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें बांग्लादेश में छपी जाली भारतीय मुद्रा मालदा निवासी जाकिर उपलब्ध कराता था. जाकिर तक यह नकली नोट बांग्लादेश निवासी रफीकुल पहुंचाता था, जिसके बाद वह अपने सहयोगियों के माध्यम से इन्हें देश के विभिन्न राज्यों में खपवाता था.

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वाराणसी लाया गया जाकिर

यूपी एटीएस की तरफ से जाकिर को गिरफ्तार कर वाराणसी लाया गया है, जहां उससे पूछताछ और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जाकिर के खिलाफ 2024 में दर्ज हुआ था केस

इस मामले में मोहम्मद सुलेमान अंसारी और इदरीश के खिलाफ थाना सारनाथ, वाराणसी में 19 नवंबर 2024 को मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था. जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद फरार चल रहे जाकिर पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.