हेमंत शर्मा, इंदौर। एमपी के इंदौर की रेल सुविधाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस बार आवाज उठाई है पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने। उन्होंने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) को दो पन्नों का विस्तृत पत्र लिखकर इंदौर की लगातार हो रही रेल उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है। पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि “ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है।”
सुमित्रा महाजन ने पत्र में नई ट्रेनों की मांग से लेकर वर्षों से लंबित प्रस्ताव, बंद पड़ी सेवाओं, लोकल ट्रेनों की कमी और 40 लाख आबादी वाले इंदौर को पर्याप्त रेल सुविधाएं नहीं मिलने तक कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं।


“इंदौर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा”
20 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में सुमित्रा महाजन ने कहा कि अन्य रेलवे जोन द्वारा भेजे गए कई प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। उन्होंने लिखा कि जयपुर-इंदौर और रीवा-इंदौर जैसी प्रस्तावित ट्रेनों पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
उनका कहना है कि इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर को लगातार उसकी जरूरत के अनुरूप रेल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
MEMU रैक हटाने पर भी जताई नाराजगी
पत्र में महाजन ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई MEMU सेवा का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि इस सेवा का रैक इंदौर से हटा लिया गया और उसकी जगह पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जिन्हें कभी भी खड़ा कर दिया जाता है। इससे यात्रियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
पुणे ट्रेन बंद, नई ट्रेनों पर भी फैसला नहीं
पूर्व सांसद ने कहा कि पुणे जाने वाली यात्री ट्रेन लंबे समय से बंद है, लेकिन उसे फिर शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पटना और गुवाहाटी जाने वाली ट्रेनों के फेरों में भी बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस का उदाहरण देते हुए लिखा कि इस ट्रेन की उपयोगिता 625 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद इसके फेरे नहीं बढ़ाए गए।
महू-उज्जैन लोकल और अयोध्या ट्रेन की मांग
सुमित्रा महाजन ने पत्र में महू और उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि इस रूट पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं, लेकिन अब तक नियमित लोकल सेवा शुरू नहीं हो सकी।
इसके अलावा उन्होंने अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन की मांग भी उठाई और कहा कि धार्मिक यात्रियों की सुविधा के लिए इस दिशा में जल्द निर्णय होना चाहिए।
40 लाख आबादी, लेकिन सुविधाएं नाकाफी
पत्र के दूसरे हिस्से में उन्होंने सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए लिखा कि करीब 40 लाख आबादी वाले क्षेत्र के हिसाब से क्या वर्तमान रेल सुविधाएं पर्याप्त हैं?
उन्होंने लिखा कि कई बार ऐसा महसूस होता है कि इससे बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं। उन्होंने जीएम से कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी होने के नाते वे इन शब्दों के पीछे छिपी पीड़ा को समझेंगे और इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने के बाद भी नहीं बढ़ीं सुविधाएं
महाजन ने यह भी उल्लेख किया कि लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद यह कहना कि लाइन और प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं, उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि अब तकनीकी कारणों की बजाय इच्छाशक्ति की जरूरत है।
रेलवे से की ठोस कार्रवाई की मांग
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने अपने पत्र के अंत में रेलवे प्रशासन से आग्रह किया है कि इंदौर की बढ़ती आबादी, यात्रियों की संख्या और औद्योगिक महत्व को देखते हुए नई ट्रेनें शुरू करने, लंबित प्रस्तावों को मंजूरी देने और बंद सेवाओं को बहाल करने की दिशा में जल्द निर्णय लिया जाए।
इंदौर की रेल सुविधाओं को लेकर लिखा गया यह पत्र अब रेलवे प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि पश्चिम रेलवे इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इंदौर को लंबे समय से प्रतीक्षित रेल सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


