Odisha Desk, भुवनेश्वर: राज्य के बहुचर्चित पाठ्यपुस्तक त्रुटि मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। ओडिशा हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी बनाए गए 4 व्यक्तियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनकी अंतरिम सुरक्षा को बरकरार रखा है। आरोपियों द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक इन चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस या जांच एजेंसियां कोई कठोर अथवा बाध्यकारी कार्रवाई नहीं कर सकती हैं।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद, यद्यपि मामले की जांच प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी, लेकिन आरोपियों को अस्थायी रूप से कानूनी संरक्षण मिल गया है। इससे उन्हें गिरफ्तारी जैसी किसी भी सख्त कार्रवाई से तात्कालिक राहत मिली है।
जवाबदेही तय करने के लिए दर्ज हुआ था मामला उल्लेखनीय है कि स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियों और गड़बड़ियों के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी। पाठ्यपुस्तकों में हुई इन गलतियों के लिए जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाने के उद्देश्य से मामला दर्ज किया गया था। कानूनी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए मामले से जुड़े 4 आरोपियों ने ओडिशा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था।
अगले सप्ताह की सुनवाई पर टिकीं निगाहें हाईकोर्ट द्वारा आरोपियों को दी गई यह सामयिक राहत इस पूरी कानूनी प्रक्रिया का एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। इस निर्णय से आरोपियों को तात्कालिक राहत मिली है, जबकि जांच टीम अपनी प्रक्रिया जारी रख सकेगी।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध की है। अब सभी की निगाहें अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट अग्रिम जमानत याचिका पर क्या फैसला सुनाता है या अंतरिम आदेश को आगे बढ़ाता है। शिक्षा विभाग और कानूनी गलियारों में इस मामले को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है।
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