Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर अशोक गहलोत और गजेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने हैं। गहलोत के उस बयान ने चिंगारी सुलगा दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो बीजेपी को बैन कर देतीं। इस पर बीजेपी अब पूरी तरह हमलावर है।

शेखावत का पलटवार, गहलोत पर लगाए बड़े आरोप
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मोदी सरकार के 12 साल के कामकाज के दौरान गहलोत को घेरते हुए कहा कि जोधपुर और पूरे राजस्थान की बदहाली के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। शेखावत ने तंज कसते हुए कहा, गहलोत सरकार गिराने के बेबुनियाद आरोप तो लगाते रहे, लेकिन एक भी ठोस सबूत आज तक सामने नहीं ला सके।
फोन रिकॉर्डिंग का जिन्न फिर बाहर
शेखावत ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग विवाद का जिक्र कर गहलोत पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में अपने ही विधायकों की जासूसी होती थी। जो खुद अपने नेताओं की बातें रिकॉर्ड करते हैं, वो दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें। उन्होंने यह भी दावा किया कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में कांग्रेस के कार्यकाल में जमकर अनियमितताएं हुईं, जिसका खामियाजा आज प्रदेश की जनता पेयजल संकट के रूप में भुगत रही है।
मदन राठौड़ ने भी साधा निशाना
इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी गहलोत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। राठौड़ ने 1975 के आपातकाल की याद दिलाते हुए पूछा, क्या तीन बार मुख्यमंत्री रहे नेता को लोकतंत्र में किसी बड़ी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की बात करना शोभा देता है? कांग्रेस को अपनी उस मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है जिसने देश में लोकतंत्र की हत्या की थी।
क्यों गरमाया है मामला?
गहलोत ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और आरएसएस को बैन करने जैसी टिप्पणी कर दी थी। इसी के बाद बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही यह जुबानी जंग बता रही है कि राजस्थान में आने वाले दिनों में सियासी पारा और ऊपर जाने वाला है। अब जनता को इंतजार है कि गहलोत अपने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या यह विवाद यूं ही चलता रहेगा।
- भ्रष्टाचार के हदें पार: ताश के पत्तों की तरह ढहा पुल, टला बड़ा हादसा
- CM योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, फिल्म की आध्यात्मिक कहानी पर हुई खास चर्चा
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ीं धज्जियां: भोपाल में सीलिंग के नाम पर महज खानापूर्ति, सील तोड़कर दुकानें चला रहे व्यापारी
- नशीले पदार्थों के खिलाफ बिहार सरकार की सख्त कार्रवाई, शैक्षणिक संस्थानों के पास 500 मी. का दायरा ड्रग-फ्री जोन घोषित
- सीहोर में गैस रिसाव से हड़कंप: 4 लोग हुए प्रभावित, मौके पर भेजी गई रेस्क्यू टीम


