पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। जिले के किसानों के लिए उर्वरक वितरण को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के उर्वरक संचालनालय, नई दिल्ली द्वारा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (Framework for Fertilizer Sale-FSS) योजना के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले को पायलट जिले के रूप में चुना गया है। इसके तहत जिले में मंगलवार, 7 जुलाई से नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है।

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सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है। नई व्यवस्था के तहत अब किसान मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे और निर्धारित समय पर संबंधित उर्वरक विक्रय केंद्र से खाद प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाइल ऐप से मिलेगी खाद की बुकिंग सुविधा

नई प्रणाली के तहत किसानों को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से Framework for Fertilizer Sale (FSS) एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप में अपनी भूमि और फसल संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। आवश्यक विवरण भरने के बाद किसान अपने निकटतम उर्वरक विक्रय केंद्र का चयन कर सकेंगे और उन्हें एक क्यूआर (QR) आधारित टोकन जारी किया जाएगा।

यह टोकन तीन दिनों तक मान्य रहेगा। यदि किसान इस अवधि के भीतर खाद नहीं खरीदते हैं, तो टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा और दोबारा प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्यूआर स्कैन और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मिलेगा उर्वरक

टोकन प्राप्त करने के बाद किसान संबंधित उर्वरक विक्रय केंद्र पहुंचेंगे, जहां पीओएस (POS) मशीन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन होने पर किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।

किसानों को होंगे कई फायदे

कृषि विभाग के अनुसार नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से किसानों को कई लाभ मिलेंगे। उन्हें खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा, समय की बचत होगी और आवश्यकता के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में भी यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

समस्या होने पर इन अधिकारियों से कर सकते हैं संपर्क

एफएसएस प्रणाली के संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या आने पर किसान जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

अनिल कुमार कौशिक, सहायक संचालक कृषि – 9977106777

जसपाल साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी – 9131198044

कृषि विभाग का मानना है कि यह नई डिजिटल व्यवस्था किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, अनावश्यक भीड़ कम करने और खाद वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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