हरियाणा के गुरुग्राम में एक निर्माणाधीन साइट पर दर्जनों गाड़ियों में आए 50 से 60 लोगों द्वारा ठेकेदार से रंगदारी मांगने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने पीड़ित मनीष दहिया की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम। जिले से रंगदारी और धमकी देने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सेक्टर-108 थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक निर्माणाधीन साइट पर पहुंचे दबंगों द्वारा ठेकेदार को जान से मारने की धमकी देने और अवैध उगाही करने का आरोप लगा है। पीड़ित बिल्डर ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। घटना की पुष्टि के लिए पुलिस मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है।
दर्जनों गाड़ियों से पहुंचे लोग
पीड़ित ठेकेदार मनीष दहिया द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, दिनदहाड़े लगभग 10 से 20 स्कॉर्पियो गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ करीब 50 से 60 लोग अचानक निर्माण स्थल पर आ धमके। आरोप है कि इन लोगों ने वहां आते ही जमकर शक्ति प्रदर्शन किया और साइट पर चल रहे निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के जारी रखने के बदले व्यवसाय में हिस्सेदारी की मांग की।
विरोध करने पर मिली धमकी
तहरीर के अनुसार, जब निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने इस नाजायज मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ बदसलूकी की। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार सहित वहां मौजूद अन्य सभी निर्माण कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इस दुस्साहस के बाद से पूरी निर्माण साइट पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
गैंगस्टर गैंग से जुड़ाव का दावा
मनीष दहिया ने सेक्टर-108 थाना पुलिस को सौंपी गई शिकायत में दविंदर उर्फ सुक्कू और दिनेश दहिया सहित कई अन्य लोगों को नामजद किया है। पीड़ित ने स्वयं और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है। उसने यह भी आरोप लगाया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले नामजद आरोपी कथित तौर पर कुख्यात कौशल चौधरी गैंग से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस दावे की पुलिस द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फुटेज खंगाल रही पुलिस
इधर, सेक्टर-108 थाना पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का बारिकी से विश्लेषण कर रही हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

