कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर हरियाणा को भारी कर्ज के बोझ तले दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 1966 में हरियाणा के गठन से लेकर वर्ष 2014 तक प्रदेश पर कुल कर्ज करीब 60-70 हजार करोड़ रुपये था, जबकि भाजपा सरकार के पिछले 12 वर्षों में यह बढ़कर करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार हर साल जितना कर्ज ले रही है, उसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज के ब्याज और किश्तें चुकाने में ही खर्च हो रहा है।

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ‘कर्जा लो और घी पियो’ की नीति पर काम कर रही है, जिससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके अनुसार, सरकार कर्ज तो लगातार बढ़ा रही है, लेकिन उसके अनुपात में विकास कार्य जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर विकास के मोर्चे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में हरियाणा को कोई बड़ा मेट्रो विस्तार, नया एम्स, बड़ा औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) या ऐसा कोई प्रमुख प्रोजेक्ट नहीं मिला, जिसे प्रदेश की बड़ी उपलब्धि कहा जा सके। उनका कहना था कि सरकार विकास के दावों के बावजूद ठोस परिणाम देने में विफल रही है।हुड्डा ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, जिससे शासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।