चंडीगढ़। हरियाणा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर लंबित भुगतान और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पताल 5 जून की मध्यरात्रि से नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर देंगे।
क्या है मुख्य विवाद?
IMA का आरोप है कि अस्पतालों को मिलने वाले करोड़ों रुपये के दावे महीनों से अटके हुए हैं। जबकि नियम के अनुसार भुगतान 15 दिनों के भीतर होना चाहिए, लेकिन अब यह देरी 3 से 9 महीने तक पहुंच चुकी है।
IMA के गंभीर आरोप
० 2023 से लगातार भुगतान में देरी
० 3 साल में 4 बार काम बंद करने की नौबत
० कई अस्पतालों को छोटे मामलों में भी “फ्रॉड” मानकर डी-एंपैनल किया गया
० ग्रिवांस कमेटी की बैठकें 7–8 महीने से नहीं हुईं
TMS-2 पोर्टल में तकनीकी खराबियों से कई केस अटके
चिरायु योजना पर सवाल
IMA ने कहा कि 2022 में शुरू हुई चिरायु योजना के बाद 80–90% आबादी योजना के दायरे में आ गई, लेकिन इसके अनुरूप बजट और भुगतान व्यवस्था मजबूत नहीं की गई।
अस्पतालों की चेतावनी
IMA हरियाणा ने साफ कहा है कि अगर तुरंत समाधान नहीं हुआ तो आयुष्मान योजना के तहत नए मरीजों की भर्ती रोक दी जाएगी। मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
यह विवाद अब सिर्फ भुगतान का नहीं, बल्कि राज्य की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर डालने वाला मुद्दा बन गया है। सरकार और डॉक्टरों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है, और आने वाले दिनों में बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।

