कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के फतेहाबाद में कुत्तों के साथ कथित मारपीट का विरोध करना एक कानून छात्र को भारी पड़ गया। छात्र ने आरोप लगाया कि विरोध करने से नाराज होकर कुछ लोगों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए और उसके साथ मारपीट की। शिकायत में छात्र ने कपड़े उतरवाकर अपमानित करने और गर्म हीटिंग रॉड पर पेशाब करने के लिए मजबूर किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। मामले में अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी है।

कुत्तों को पीटने का वीडियो देखकर किया था विरोध

मामला 31 मार्च का बताया गया है। शिकायत के अनुसार, कानून छात्र ने एक वीडियो देखा था, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर कुत्तों के साथ मारपीट कर रहा था। छात्र ने इसका विरोध करते हुए संबंधित व्यक्ति से कुत्तों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करने की अपील की थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपी तथा उसके साथियों ने छात्र को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया।

शिकायत के मुताबिक, छात्र को फतेहाबाद के ऑटो मार्केट की तरफ ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। छात्र का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ आपत्तिजनक और अमानवीय व्यवहार किया गया।

कपड़े उतरवाने और गर्म रॉड पर पेशाब कराने का आरोप

छात्र ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके कपड़े उतरवा दिए और उसे अपमानित किया। इसके बाद उसे गर्म हीटिंग रॉड पर पेशाब करने के लिए मजबूर किया गया। छात्र ने विरोध करने पर करंट लगाने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया।

शिकायत में 50 हजार रुपये मांगने और गूगल-पे के जरिए 1 हजार रुपये ट्रांसफर करवाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।

घटना के अगले दिन थाने पहुंचा छात्र

छात्र के अनुसार, घटना के अगले दिन 1 अप्रैल को वह फतेहाबाद थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के दौरान मामले में लगाई गई कुछ धाराओं को हटा दिया गया।

गिरफ्तारी की आशंका के चलते आरोपी ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया और अग्रिम जमानत की मांग की।

हाई कोर्ट ने जांच में सहयोग को माना अहम

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ के समक्ष हुई। अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि आरोपी जांच में शामिल हो चुका है और जांच में सहयोग कर रहा है। अदालत ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए माना कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है।

इसी आधार पर हाई कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली और उसे गिरफ्तारी से राहत प्रदान की।

शर्तों का उल्लंघन हुआ तो छात्र ले सकता है कानूनी कदम

हाई कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह अदालत के आदेश या जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है तो पीड़ित छात्र कानून के तहत उपलब्ध उचित कानूनी उपाय अपना सकता है।

फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। वहीं, मामले में लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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