मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कालका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के दो पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 34 स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर 1149 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और राज्य का रेल बजट 2014 के मुकाबले कई गुना बढ़ चुका है।
पंचकूला। जिले के कालका रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्य अतिथि के रूप में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के कालका और नरवाना स्टेशनों को अपग्रेड कर राष्ट्र को समर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान जालंधर (पंजाब) से प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जहां से उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के 75 आधुनिक स्टेशनों की सौगात दी।
स्टेशनों का आधुनिक कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक रूप देने का काम तेजी से चल रहा है, जिस पर 1149 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडी डबवाली, होडल और जींद स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को पहले ही सुधारा जा चुका है और वे अमृत स्टेशन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन सहित हरियाणा को करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 9 विभिन्न योजनाओं का उपहार दिया है, जो प्रदेश की संस्कृति और व्यापारिक उन्नति के नए द्वार खोलेंगी।
रेल बजट में भारी बढ़ोतरी
विगत वर्षों में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट फाइलों में बंद रहते थे और स्टेशनों को केवल यात्रियों के आने-जाने का माध्यम समझा जाता था, परंतु आज ये आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2014 के दौरान हरियाणा का रेल बजट मात्र 315 करोड़ रुपये तय था, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारी बढ़ोतरी के साथ 3566 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान समय में सूबे के भीतर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के 1574 किलोमीटर लंबे रेल मार्गों का शत-प्रतिशत बिजलीकरण पूरा किया जा चुका है।
नई रेल लाइनों का निर्माण
कनेक्टिविटी में सुधार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के भीतर 8 वंदे भारत एक्सप्रेस और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का सफल संचालन किया जा रहा है, जो गति और आम नागरिकों की सुविधाओं का प्रतीक हैं। विकास कार्यों का विवरण देते हुए उन्होंने 844 करोड़ रुपये की लागत वाली रोहतक-महम-हांसी रेल लाइन और 713 करोड़ रुपये की लागत वाली सोनीपत-जींद रेल लाइन के निर्माण का उल्लेख किया। इसके साथ ही रोहतक और कुरुक्षेत्र में तैयार किए गए देश के आधुनिक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहरी यातायात को सुगम बनाने की दिशा में नए मील के पत्थर साबित हो रहे हैं।
सुरक्षा एवं आर्थिक ढांचा
सुरक्षित रेल सफर को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने पिछले करीब 12 वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 33 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और 139 रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) का निर्माण सुनिश्चित किया गया है, जबकि 123 मानव रहित रेल फाटकों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर राज्य की आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा। पलवल, सोहना, मानेसर और खरखौदा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला यह कॉरिडोर आने वाले वक्त में भारी निवेश, नए उद्योगों की स्थापना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा।

