हिसार डिपो के महाप्रबंधक के खिलाफ सांझा संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कर्मचारियों ने प्रशासन को 15 सूत्रीय मांग पत्र पर फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है।
काजल, हिसार। हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो में महाप्रबंधक के खिलाफ कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को लगातार 45वें दिन भी पूरी तरह जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता बजरंग लाखा ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन जितेंद्र शर्मा द्वारा किया गया। धरने के दौरान एकत्रित हुए सैकड़ों कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों और आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सांझा संघर्ष समिति के मुख्य नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा अपना 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपे जाने के करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अभी तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया है।
महाप्रबंधक पर गंभीर आरोप
Haryana Roadways Strike News Update Hisar अभियान के तहत कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबित वेतन-भत्तों सहित अन्य विभागीय समस्याओं का समाधान करने के बजाय महाप्रबंधक राहुल मित्तल उल्टा कर्मचारी नेताओं को ही लगातार निशाना बना रहे हैं। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण डिपो के समस्त कर्मचारियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। धरने को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि यदि कार्यालय स्तर पर कर्मचारियों की इन जायज समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध और सकारात्मक प्रयास किए जाएं, तो अधिकांश स्थानीय मामलों का निपटारा तुरंत संभव है, लेकिन महाप्रबंधक के नियमित रूप से समय पर कार्यालय में उपस्थित न होने से जनता और कर्मचारियों के कार्य लंबे समय से लटके पड़े हैं।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
सांझा संघर्ष समिति ने डिपो प्रशासन और स्थानीय उच्चाधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 8 जुलाई तक उनके 15 सूत्रीय मांग पत्र पर कोई ठोस, सकारात्मक एवं संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो 9 जुलाई को सभी कर्मचारियों की एक बेहद महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई जाएगी। इस बड़ी बैठक में वर्तमान आंदोलन को और अधिक उग्र एवं तेज करने तथा आगामी रणनीति तय करने सहित कई बड़े आंदोलनात्मक फैसले सर्वसम्मति से लिए जाएंगे। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह शांतिपूर्ण संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगों का स्थाई समाधान नहीं हो जाता।

