कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में अब प्रशासनिक सुधार केवल सरकारी स्तर पर तय नहीं होंगे, बल्कि प्रदेश के नागरिक भी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे। राज्य सरकार लोगों को सीधे प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक ‘सुधार उत्सव’ आयोजित करने जा रही है। इसके तहत गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे और उपयोगी सुझावों को जांच, प्राथमिकता और समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए वास्तविक सुधारों में बदला जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों से मिलने वाले सुझाव केवल दर्ज करने तक सीमित न रहें। प्रत्येक उपयोगी सुझाव की स्पष्ट जांच की जाए, उसकी प्राथमिकता तय हो और उसे लागू करने की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लागू किए गए सुधारों के परिणामों का भी आकलन किया जाएगा।
तीन चरणों में चलेगा ‘सुधार उत्सव’
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार अभियान को तीन प्रमुख चरणों में संचालित किया जाएगा।
- जन मंथन
पहले चरण में नागरिक समर्पित वेबसाइट, मोबाइल ऐप और विभिन्न जनसंपर्क माध्यमों के जरिए सरकार तक अपने सुझाव पहुंचा सकेंगे। इसका उद्देश्य आम लोगों को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए सीधे अपनी बात रखने का अवसर देना है।
- विमर्श
दूसरे चरण में संबंधित सरकारी विभाग प्राप्त सुझावों की विस्तृत जांच और समीक्षा करेंगे। विभाग यह तय करेंगे कि कौन से सुझाव व्यावहारिक हैं और किन सुझावों से सरकारी व्यवस्था एवं सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।
- जन समाधान
अंतिम चरण में ऐसे सुधारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें तेजी से लागू किया जा सकता है। वहीं जटिल और बड़े बदलावों के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी।
2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं में शुरू होगा जन मंथन
अभियान का मुख्य चरण 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से शुरू होगा। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में ‘जन मंथन सभाएं’ आयोजित की जाएंगी। इनमें जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद करेंगे और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव लिए जाएंगे।
CSC और ‘माई भारत’ स्वयंसेवक करेंगे मदद
जिन नागरिकों को ऑनलाइन सुझाव दर्ज करने में परेशानी होगी, उनकी सहायता के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों के माध्यम से हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर नागरिक मौके पर ही अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
वेबसाइट और डैशबोर्ड से होगी सुझावों की ट्रैकिंग
सरकार अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष डैशबोर्ड और वेबसाइट विकसित करेगी। इसके माध्यम से नागरिक यह देख सकेंगे कि उनके द्वारा दिए गए सुझाव पर क्या कार्रवाई हुई, वह किस स्तर पर है और उसे लागू किया गया या नहीं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति
पूरे अभियान की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति का गठन किया गया है। समिति अभियान की प्रगति, सुझावों की समीक्षा, प्राथमिकता निर्धारण और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
सरकार का उद्देश्य ‘सुधार उत्सव’ के जरिए प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि नागरिकों के अनुभव और सुझावों को सरकारी व्यवस्था में ठोस बदलाव का आधार बनाया जा सके।
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