हिसार। हरियाणा में मानसून भले ही अपने अंतिम चरण में पहुंच गया हो, लेकिन जाते-जाते मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में सितंबर के दौरान अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। 15 से 19 सितंबर के बीच हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के भी आसार हैं।
सितंबर में बारिश का बड़ा घाटा
मौसम के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में हरियाणा को अब तक सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश मिली है। एक जून से 13 सितंबर तक प्रदेश में 303.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 403.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश सामान्य स्तर से नीचे रही है। खासतौर पर सिरसा, हिसार, करनाल, भिवानी, जींद और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में वर्षा की कमी अधिक दर्ज की गई। हालांकि पंचकूला, पलवल और गुरुग्राम में स्थिति कुछ बेहतर रही है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 15 सितंबर के आसपास उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से मानसूनी गतिविधियां हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की ओर बढ़ने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ और मानसून सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग की स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में येलो अलर्ट जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।
इन जिलों में बारिश की ज्यादा संभावना
15 से 19 सितंबर के दौरान पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद सहित उत्तरी जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
तापमान में मिलेगी राहत
बारिश और बादलों की गतिविधियों का असर तापमान पर भी दिखाई दे सकता है। दिन और रात के तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज हो सकती है। पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के साथ मौसम धीरे-धीरे बदलने की संभावना जताई गई है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत है। खेतों में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए पहले से तिरपाल और अन्य जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसान कटाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं, ताकि संभावित बारिश से नुकसान से बचा जा सके।
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