इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक को बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस आरसीएस बिसेन की डिवीजन बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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सुनवाई के दौरान माननीय अदालत ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि अब्दुल रज्जाक और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज हुए मामले की पूरी जानकारी कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बेंच ने यह भी साफ कर दिया है कि आगामी समय में रज्जाक के खिलाफ अगर कोई नई FIR दर्ज की जाती है तो उसकी सूचना 24 घंटे के अंदर हाई कोर्ट को देनी होगी।

गौरतलब है कि अगस्त जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक ने कटनी के विजयराघवगढ़ सीट से भाजपा विधायक और कद्दावर नेता संजय पाठक पर आरोप लगाया है। रज्जाक का कहना है कि विधायक संजय पाठक के राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस उसके खिलाप लगातार झूठे केस दर्ज कर रही है। याचिकाकर्ता के पक्ष का कहना था कि जब वह जेल में बंद था तब भी उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए गए है।

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इस मामले में कोर्ट का रूख बेहद सख्त नजर आ रहा है। पिछली सुनवाइयों के दौरान कोर्ट ने उन पुलिस अधिकारियों से लंबी और तीखी पूछताछ करते हुए सवाल किया था कि जब आरोपी पहले से ही जेल में बंद था तो उसके खिलाफ नए मामले किस आधार पर दर्ज किए जा रहे हैं।

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