Dharm Desk: आज के दौर में अधिकांश मकान आधुनिक इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर से तैयार होते हैं, जिससे निर्माण में संतुलन और मजबूती तो मिलती है, लेकिन पुराने मकानों में कई बार वास्तु से जुड़ी गलतियां रह जाती है। खासतौर पर सीढ़ियों का गलत स्थान या दिशा, घर में तनाव, आर्थिक रुकाटव और सेहत की समस्याओं का कारण बन सकता हैl अच्छी बात यह है कि बिना तोड़-फोड़ के भी इन दोषों को काफी हद तक सुधारा किया जा सकता है।
वास्तु दोष हमेशा तोड़-फोड़ से ही ठीक नहीं होते। सही दिशा में ऊर्जा संतुलन, रंग, रोशनी और धातु के प्रयोग से भी काफी सुधार लाया जा सकता इन उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मकता, सुख-समृद्धि और शांति बनाए रख सकते हैं। बस कुछ चीजों का आपको ध्यान रखना होगा।
सीढ़ियां गलत दिशा में हैं तो क्या करना चाहिए
यदि घर की सीढ़ियां ईशान (उत्तर-पूर्व) या ब्रह्म स्थान (घर का मध्य भाग) में बनी हैं, तो यह वास्तु दोष बन जाता है। ऐसे में उस स्थान को हल्का और सकारात्मक बनाने के लिए वहां सफेद या हल्के रंगों का उपयोग करें। सीढ़ियों के पास तेज रोशनी रखें और वहां पर कोई भारी सामान न रखे, साथ ही उस स्थान पर पीतल या तांबे का वास्तु पिरामिड रखना लाभकारी माना जाता है।
नैऋत्य दिशा का संतुलन कैसे बढ़ाएं
अगर सीढ़ियां दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में नहीं है और घर हल्का लग रहा है तो उस दिशा में भारी फर्नीचर, अलमरी या सेफ रखें। इससे ऊर्जा संतुलन बनता है, और स्थिरता आती है।
सीढ़ियों के नीचे गलत निर्माण का उपाय
यदि सीढ़ियों के नीचे किचन, पूजा घर या टॉयलेट बना हुआ है तो वहां नियमित सफाई रखें और सुगंधित धूप या अगरबत्ती जलाएं। पूजा स्थान है तो वहां रोज दीपक जलाना जरूरी है, टॉयलेट होने पर नमक का कटोरा रखकर हर सप्ताह बदलें…यह नकारात्मकता को कम करता है।
गोलाकार सीढ़ियों का समाधान भी
यदि घर में गोलाकार (स्पाइरल) सीढ़ियां हैं तो उनके आस-पास धातु की रेलिंग मबूजत रखे और नीचे भारी वस्तु रखें, ताकि ऊर्जा स्थिर रहे।
सीढ़ियों की दिशा से ऊर्जा का प्रभाव
अगर सीढ़ियों की दिशा वास्तु के अनुसार नहीं है तो दीवारों पर सकारात्मक प्रतीक जैसे स्वास्तिक, ओम या सूर्य का चिन्ह लगाएं। सीढ़ियों पर हल्के रंग और पर्याप्त रोशनी रखें ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो सके।सीढ़ियों की संख्या अगर सम (है तो शुरु आत या अंत में एक छोटा प्लेटफॉर्म जोड़कर उसे विषम किया जा सकता है । ऊंचाई ज्यादा या कम है तो उस पर एंटी-स्लिप मैट या लकड़ी की पतर लगाकर संतुलन बनाया जा सकता है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


