शुभम जायसवाल, राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हुए उसके ही अपनों ने उसे चंद रुपयों के लिए नरक में धकेल दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मानव तस्करी, सामूहिक दुष्कर्म और बाल विवाह कराने के आरोप में बच्ची की मां और सौतेले पिता समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घटना का मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है।
8 लाख रुपये और 4 लाख के जेवरात में सौदा
मिली जानकारी के अनुसार, कलयुगी मां और सौतेले बाप ने ही अपनी 12 साल की नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया। आरोपियों ने 8 लाख रुपये नकद और 4 लाख रुपये के जेवरात लेकर मासूम का जबरन बाल विवाह करवा दिया। विवाह के नाम पर बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ लगातार क्रूरता, शोषण और सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम दिया गया।
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गंभीर और कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज
मामला उजागर होने के बाद राजगढ़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कानून के सबसे कड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक/अवैध दुष्कर्म (Gangrape), नाबालिग से दुष्कर्म, अपहरण और गलत तरीके से बंधक बनाना, मानव तस्करी (Human Trafficking), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), जेजे एक्ट (Juvenile Justice Act), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम समेत कई अन्य गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। हालांकि, इस पूरे रैकेट और घिनौने अपराध का मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। राजगढ़ पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी है और फरार आरोपी पवन पर 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

