अनिल मालवीय, इछावर। एमपी के इछावर नगर के मुख्य बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह बिखर चुकी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस गश्त के दावों की पोल खोल कर रख दी है। वायरल वीडियो में कुछ युवक सरेराह एक-दूसरे पर बेल्ट, लोहे की चैन और लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला करते नजर आ रहे हैं। दिनदहाड़े हुई इस गैंगवार जैसी स्थिति से बस स्टैंड पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखे।
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स्थानीय निवासियों और यात्रियों का कहना है कि इछावर बस स्टैंड पर आए दिन गुंडागर्दी और विवाद होना आम बात हो गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय और सुलभ कॉम्प्लेक्स पर अब असामाजिक तत्वों का कब्जा है। दिन ढलते ही और कई बार तो दिन के उजाले में भी यहां शरारती तत्व शराब पीकर डेरा जमाए रहते हैं।
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बस स्टैंड की इस बदहाली का सबसे बुरा असर स्कूली व कॉलेज की छात्राओं और महिला यात्रियों पर पड़ रहा है। प्रतीक्षालय में बैठे आवारा तत्व यहां से गुजरने वाली या बसों का इंतजार करने वाली महिलाओं और छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं और छींटाकशी करते हैं। इस खौफ के कारण महिलाओं का बस स्टैंड पर खड़े होना भी दूभर हो गया है।
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बस स्टैंड पर हर वक्त डर का माहौल रहता है। कब कौन आपस में भिड़ जाए और पत्थर या डंडे चल जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस प्रशासन को यहाँ स्थाई चौकी या नियमित गश्त की व्यवस्था करनी चाहिए।
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उल्लेखनीय है कि इस वायरल वीडियो और आए दिन होने वाली गुंडागर्दी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक स्थान पर बेल्ट और चैन से मारपीट करने वाले इन रसूखदार और बेखौफ युवकों को कानून का डर क्यों नहीं है?
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छात्राओं की सुरक्षा के दावों के बीच एंटी-रोमियो स्क्वाड या स्थानीय पुलिस की गश्त बस स्टैंड से नदारद क्यों है। नगर वासियों ने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त कर उन पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, साथ ही बस स्टैंड को इन आवारा तत्वों से मुक्त कराकर यात्रियों विशेषकर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जाए।

