ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के कैथल निवासी दो पर्यटकों के साथ हुई बर्बरता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋषिकेश निवासी अशोक थापा और नरेश कश्यप के रूप में हुई है। बाकी हमलावरों की तलाश जारी है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर एसपी देहात (SP Rural Rishikesh) जया बलूनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का हक नहीं है।

क्या है पूरा मामला? (Rishikesh Tourist Violence Case)

कैथल के सतबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 20 मई को अपने दोस्तों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। वेन्यू गाड़ी से जब वे काली के ढाल के पास पहुंचे, तो वहां एक महिला ने अपनी 8 साल की बच्ची के साथ उनकी गाड़ी रुकवाई। महिला का आरोप था कि युवकों ने बच्ची की तरफ गलत इशारे किए। इसी बात पर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ (Mob Violence) जमा हो गई।

कपड़े उतरवाकर सड़क पर घुमाया, गाड़ी भी तोड़ी

बहसबाजी के बीच उग्र भीड़ ने कैथल के युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पर्यटकों को गाड़ी से बाहर घसीटा, उनके कपड़े उतरवाए और निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उपद्रवियों ने पर्यटकों की HR नंबर की गाड़ी पर पथराव कर उसके शीशे भी तोड़ दिए। हंगामा बढ़ता देख खुद शिकायतकर्ता महिला ने ‘112’ पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आईडीपीएल चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवकों को भीड़ से बचाया और अस्पताल पहुंचाया।

HR नंबर देखकर बनाया निशाना?

पीड़ित सतीश कुमार ने बताया, हमारी गाड़ी का हरियाणा नंबर (HR Number) देखकर हमें जानबूझकर टारगेट किया गया। हमने बच्ची के साथ कोई गलत हरकत नहीं की थी। उत्तराखंड में अब हरियाणा के टूरिस्टों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

एसपी जया बलूनी का सख्त रुख

ऋषिकेश पुलिस (Rishikesh Police Action) अब इस मामले में अन्य आरोपियों की वीडियो फुटेज के जरिए पहचान कर रही है। एसपी जया बलूनी ने साफ कहा कि अगर युवकों ने कोई गड़बड़ की थी, तो भीड़ को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। इस तरह सरेआम कानून अपने हाथ में लेना और किसी को नंगा कर पीटना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त Action लिया जा रहा है।