भुवनेश्वर। ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में शुक्रवार को जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) और जापान की जेएफई स्टील (JFE Steel) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य में एक उच्च गुणवत्ता वाले ‘स्टील हब’ की स्थापना के लिए दोनों कंपनियों ने हाथ मिलाया है।
इस परियोजना में JFE ने 15,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है, जो ओडिशा में जापान का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 30,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
संबलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन माझी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य 2030 तक सालाना 100 मिलियन टन स्टील उत्पादन की क्षमता हासिल करना है।
सरकार की योजना राउरकेला, झारसुगुड़ा, बरगढ़ और देवगढ़ को मिलाकर एक विशाल ‘ग्रोथ कॉरिडोर’ बनाने की है। इसके माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 2 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
JSW के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने क्योंझर और ढेंकानाल में अतिरिक्त 10 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्षमता वाले प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी पोस्को (POSCO) और JSW के बीच दो अन्य स्टील प्लांट के लिए भी सहयोग पर सहमति बनी है, जो ओडिशा को देश का प्रमुख इस्पात केंद्र बनाने में मदद करेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस साझेदारी को भारत-जापान औद्योगिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।

