सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाने और उन्हें रोजगार और अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के बीच गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है. तीन वर्ष की यह गैर-वित्तीय साझेदारी प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित होगी.

समझौते के तहत इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट लिंकेज मजबूत किया जाएगा. आईआईए के क्षेत्रीय चैप्टर प्रमुखों को जिलों में कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा.

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जॉब फेयर और अप्रेंटिसशिप मेले से बढ़ेंगे अवसर

यूपीएसडीएम (UPSDM) के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि उद्योगों द्वारा आवश्यक रॉ मैटेरियल प्रशिक्षण केंद्रों को उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षार्थी उद्योग विशेषज्ञों की देखरेख में वास्तविक औद्योगिक कार्यों का अनुभव हासिल करेंगे. वही आईआईए से जुड़े उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्रों पर गेस्ट लेक्चर, मेंटरशिप और तकनीकी मार्गदर्शन देंगे. युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ कार्यस्थल व्यवहार, सॉफ्ट स्किल्स और उद्योगों में बदलती तकनीकी जरूरतों की जानकारी भी दी जाएगी.

प्रशिक्षार्थियों को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए आईआईए के ऑनलाइन पोर्टल iiaonline.in का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ नियमित जॉब फेयर, अप्रेंटिसशिप मेले, औद्योगिक भ्रमण और इंडस्ट्री एक्सपोजर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसरों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इस पहल का पहला चरण लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर क्षेत्र और बरेली में लागू किया जाएगा। सफल क्रियान्वयन के बाद इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक विस्तार देने की योजना है.

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हर तिमाही होगी साझेदारी की समीक्षा

यूपीएसडीएम और आईआईए के बीच हुआ एमओयू तीन वर्ष की गैर-वित्तीय साझेदारी है. इसके प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए ज्वाइंट कोआर्डिनेशन कमेटी गठित की गई है. समिति प्रत्येक तिमाही में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट और अन्य परिणामों का आकलन करेगी.