आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां केंद्रीय जेल में सजा काट रहा एक कैदी दूल्हा बन गया है। जिस युवती के परिजनों ने उसे 376 के मामले में अंदर करवाया था अब उसी युवती के साथ उसने सात फेरे लिए हैं।
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जानकारी के अनुसार, राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और खगेश्वरी यादव एक-दूसरे से प्यार करते थे। हालांकि, दोनों के अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। विरोध इस हद तक बढ़ा कि लड़की के घरवालों ने सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले में धारा 376 के तहत अपराध दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

युवती ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
युवक के जेल जाने के बाद कहानी में नया मोड़ तब आया जब अपने प्यार को सलाखों के पीछे देख युवती चुप नहीं बैठी और उसने खुद अदालत का रुख किया। उसने कोर्ट को बताया कि दोनों अपनी मर्जी से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं। युवती की बात सुनने के बाद अदालत ने पुलिस और जेल प्रशासन को दोनों की शादी कराने के निर्देश दिए।

सलाखों के बीच लिए सात फेरे
आदेश मिलते ही जेल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दीं। जेल परिसर में पहली बार शादी का मंडप सजा। दोनों ने सलाखों के बीच सात फेरे लिए और कानून की निगरानी में दो प्रेमी जीवनभर के बंधन में बंध गए। यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब सच सामने आता है, तो कानून भी न्याय के साथ संवेदनशीलता का रास्ता अपनाता है।
जेल डीजी ने क्या कहा ?
जेल डीजी हिमांशु गुप्ता का कहना है कि पुनर्वास और सामाजिक पुनर्गठन छत्तीसगढ़ जेल विभाग के मूल मूल्य बने हुए हैं। जगदलपुर जेल में इस विवाह समारोह को सुगम बनाना प्रत्येक बंदी के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा का सम्मान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे कानूनी और सामाजिक दायित्वों का समर्थन करके, हमारा उद्देश्य सकारात्मक व्यक्तिगत परिवर्तन और आशा को प्रोत्साहित करना है। हम अपने संस्थानों की प्रशासनिक और सुरक्षा अखंडता को सख्ती से बनाए रखते हुए जीवन में सुधार लाने के लिए समर्पित हैं।
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