Donald Trump Lashes At Iran Again Over Nuclear Inspections: शांति वार्ता के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। परमाणु जांच को लेकर ईरान-अमेरिका के बीच विवाद (Iran-Us Dispute) हो गया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर भड़क उठे। भड़के ट्रंप ने ईरान को कोई समझौता नहीं होने तक की धमकी दे डाली।

दरअसल परमाणु ठिकानों की जांच पर ईरान ने कहा कि बमबारी वाली साइटों पर जांच की कोई तारीख तय नहीं है। ईरान के इस बयान पर डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते की शर्तों से अच्छी तरह वाकिफ है, जिन पर चर्चा की जा रही है। जांच न होने पर हम बातचीत बंद कर देंगे।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका द्वारा पिछले साल बमबारी की गई परमाणु साइटों की जांच के लिए कोई समय तय नहीं हुआ है। उन्होंने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के एक दिन पहले के बयान को खारिज कर दिया। दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश की परमिशन दी जाएगी। ईरान समझौते की शर्तों से अच्छी तरह वाकिफ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान जांच के लिए तैयार नहीं हुआ तो वे बातचीत तुरंत बंद कर देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच शुरू करने में जल्दबाजी नहीं है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि परमाणु निरीक्षण के बिना कोई समझौता नहीं होगा।

क्यों शुरू हुआ विवाद

परमाणु ठिकानों की जांच को लेकर विवाद तब सामने आया, जब स्विट्जरलैंड में यूएस ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत चल रही थी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यूएस की ओर से बीते साल की गई जिन परमाणु साइटों पर बमबारी की गई, उसकी जांच के लिए कोई टाइम फिक्स नहीं हुआ है। जबकि बीते सप्ताह दोनों देशों के बीच हुई डील के तहत ईरान यूरेनियम स्टॉक कम करने पर राजी हुआ है, वहीं इसके बदले में उस पर अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएंगे।

अमेरिकी सीनेट में ईरान युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव पास

इधर अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। 1973 के वॉर पॉवर्स एक्ट के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति से युद्ध जैसी कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। वोटिंग के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया।

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