पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद: जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कौंदकेरा से उठी जल संरक्षण की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। महज 8 स्कूली बच्चों के साथ शुरू हुआ ‘जल प्रतिज्ञा’ अभियान आज 5 से अधिक जिलों में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। नवाचार में जुटी स्कूल की व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा की इस मुहिम को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के जल अर्पण कार्यक्रम के केंद्रीय मिशन निदेशक कमल किशोर सोन खुद कौंदकेरा पहुंचे और इसे राष्ट्रीय पहचान दी।
कौंदकेरा हायर सेकेंडरी स्कूल की व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए छोटे-छोटे उपायों के साथ इस मुहिम की शुरुआत की थी। उन्होंने सबसे पहले 8 छात्रों को जोड़कर उनके निवासरत वार्डों में जागरूकता फैलाई। इसके बाद 30 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट में कलेक्टर भगवान सिंह उईके सहित अन्य आला अधिकारियों की मौजूदगी में 800 लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाई गई। इस प्रतिज्ञा के तहत लोगों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अनावश्य बर्बादी न करने का शपथ पत्र भरवाया गया।

केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाने वाले जल अर्पण कार्यकम के केंद्रीय निदेशक कमल किशोर सोन शनिवार को कौंदकेरा पहुंचकर अभियान की सराहना किया। जिला प्रशासन का अफसरों की मौजूदगी में बेल टुकरी ग्राम में विशेष आयोजन किया गया। अफसरों ने मौजूद सभी लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाकर इसकी शुरुआत किया।
अभियान की सराहना करते हुए उससे जुड़े शिक्षिका मीनाक्षी शर्मा, सतीश मालवीय, डामिनशाव समेत 10 लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया। साथ ही जिला प्रशासन को इस अभियान को व्यापक बनाने के अलावा अभियान से जुड़े लोगों को विशेष अवसरों में प्रोत्साहित करने की सलाह भी दिया।

अन्य जिलों में भी फैल रहा अभियान
कौंद केरा से उठी जल प्रतिज्ञा आसपास के गांव में पहुंच चुकी है। बेलटुकरी, रोहिना, भैंसातरा, सेमराडीह, टेका, भेडरी, कोपरा में भी स्कूली बच्चे जल प्रतिज्ञा अभियान को आगे बढ़कर गति दे रहे हैं। आयोजन की रूपरेखा तैयार करने वाली मीनाक्षी ने इसका प्रचार सोशल मीडिया में भी किया, जिसके चलते यह अभियान महासमुंद, आरंग, अभनपुर, सरगुजा, बीजापुर जैसे जिले में भी दिखने लगी है। आयोजन के बाद वहां से मीनाक्षी के पास तस्वीर भी भेजी जा रही है।

जल संकट से पहले निपटने के उपाय जरूरी
मीनाक्षी शर्मा जिले के जिस राजिम इलाके में रहती है वहां भूमिगत जल स्रोत तेजी से नीचे जा रहा है। दैनिक उपयोग में जल का उचित प्रबन्धन कर उसका सदुपयोग कर छोटे छोटे उपाये से एक व्यक्ति रोजाना 10 से 12 लीटर जल की बर्बादी रोक सकता है। मीनाक्षी ने कहा कि आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति निर्मित होगी,अभी से हम अपने उपयोग को सीमित करने और बर्बादी रोकने का आदत डाले, तो हमें आगे ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। इसी उद्देश्य से इस अभियान को चलाया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन, स्थानीय निकाय और समस्त जागरूक लोगों का सहयोग मिल रहा है।
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