कुंदन कुमार/जहानाबाद। बिहार में मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसे ‘सुशासन’ का बड़ा आधार माना जाता है। लेकिन, राज्य के विभिन्न हिस्सों से अक्सर ऐसी तस्वीरें सामने आती रहती हैं जो इस दावे की हवा निकाल देती हैं। ताजा मामला जहानाबाद से सामने आया है, जहां सदर अस्पताल के एक कथित डॉक्टर और कुछ कर्मियों का शराब पार्टी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लल्लूराम वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर चल रहे दावों पर आधारित है।
मेज पर चखना और हाथ में गिलास
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक मेज के चारों ओर बैठे हैं। मेज पर चखने (स्नैक्स) की प्लेटें सजी हुई हैं और पास में ही बीयर की बोतलें रखी हुई हैं। वीडियो में मौजूद व्यक्ति, जिन्हें स्थानीय स्तर पर सदर अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी बताया जा रहा है, बेहद बेफिक्र अंदाज में जाम टकराते हुए नजर आ रहे हैं। उनकी कार्यशैली और तौर-तरीके देखकर यह स्पष्ट होता है कि उन्हें कानून या प्रशासन का कोई डर नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
शराबबंदी वाले राज्य में स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों का इस तरह का आचरण न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह विभागीय नैतिकता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। वीडियो के वायरल होते ही जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। लोग सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच का इंतजार, प्रशासन की चुप्पी
हालांकि अभी तक वीडियो के स्थान और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह वीडियो कब का है और इसमें दिख रहे लोग वास्तव में कौन हैं यह जांच का विषय है। विभागीय अधिकारी इस पूरे मामले की आंतरिक जांच की बात कह रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी कि वीडियो में दिख रहे चेहरे सदर अस्पताल के ही कर्मचारी हैं या कोई अन्य।
बहरहाल, इस वीडियो ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी के क्रियान्वयन और उसकी जमीनी हकीकत पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आएं, तो कानून का पालन कैसे सुनिश्चित होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है।

