हेमंत शर्मा, इंदौर। बांके बिहारी मंदिर के बाहर जन्माष्टमी के दिन लगे डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू में कुछ लाइनें चलने का मामला सामने आया है। डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू में लिखे शब्द देखकर कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

डिस्प्ले बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति ने गलती

मामले में पुलिस का कहना है कि डिस्प्ले बोर्ड संचालक से लापरवाही के चलते कुछ देर के लिए स्क्रीन पर फ्लैश हो गई थी। ADCP राजेश दंडोतिया के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि स्क्रीन पर दिखाई गई ऊर्दू के शब्द कुरान की कुछ आयतें थीं, जिन्हें एक पेन ड्राइव में अलग-अलग धार्मिक आयोजनों के लिए रखा गया था। पुलिस के अनुसार, डिस्प्ले बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति ने गलती सामने आने के बाद उसे तुरंत सुधार लिया था। पुलिस का यह भी कहना है कि स्क्रीन पर कोई धर्म विरोधी नारा या आपत्तिजनक स्लोगन नहीं चलाया गया था

उर्दू की लाइनें स्क्रीन पर कैसे चलीं

हालांकि, जन्माष्टमी के दिन मंदिर के बाहर ‘राधे-राधे’, ‘नंद के आनंद भयो’, ‘जय कन्हैया लाल की’ जैसे धार्मिक संदेशों की जगह उर्दू की लाइनें स्क्रीन पर कैसे चलीं, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उर्दू की आयतें आखिर कैसे फ्लैश हुईं?

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डिस्प्ले बोर्ड किसने लगवाया था, इसे संचालित कौन कर रहा था और पेन ड्राइव में अलग-अलग धार्मिक आयोजनों की सामग्री किस तरह रखी गई थी। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला लापरवाही का नजर आ रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। अब बड़ा सवाल यही है—जन्माष्टमी के दिन मंदिर के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर धार्मिक संदेशों की जगह उर्दू की आयतें आखिर कैसे फ्लैश हुईं?

राजेश दंडोतिया ADCP

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m