जींद के रजाना कलां गांव में शुक्रवार सुबह एक मकान की रसोई में चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर फटने से एक युवती की जान चली गई। इस भीषण हादसे के कारण मकान की छत गिर गई और घर के अंदर रखा सारा कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया।

जींद। जिले में सफीदों खंड के अंतर्गत आने वाले गांव रजाना कलां में शुक्रवार तड़के एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहां एक घर की रसोई में सुबह चाय तैयार करते समय अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक घटना की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवती मनीषा की झुलसने के कारण मौत हो गई। धमाका इतना जोरदार था कि पूरा मकान ढह गया।

घटना के समय थी अकेली

हादसे के वक्त मनीषा मकान के भीतर अकेली मौजूद थी। उसकी माता राजबाला सुबह के समय टहलने के लिए बाहर गई हुई थीं, जबकि उसके पिता जगमेंद्र पानीपत रिफाइनरी में अपनी सेवाएं देते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आस-पास के रहने वाले लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। मृतका के परिवार के सदस्यों का आरोप है कि अग्निशमन दल का वाहन काफी विलंब से घटना स्थल पर पहुंचा, जिसके चलते नुकसान काफी बढ़ गया। आग की भयावहता के कारण घर में रखा फ्रिज, अलमारी, कूलर, एलईडी, बेड, कपड़े, कीमती आभूषण और रसोई का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। भीषण आग की वजह से मकान की छत भी भरभराकर नीचे गिर गई।

सिलेंडर लीक होने से आग

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह जब राजबाला रोजाना की तरह सैर पर गई थीं, तब मनीषा सोकर उठी और चाय बनाने के लिए सीधे रसोई घर में चली गई। इसी बीच अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली, जिसकी लपटों में आकर मनीषा गंभीर रूप से झुलस गई। शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए मनीषा को किसी तरह घर से बाहर निकाला। इस दौरान मकान में रखे एक अन्य सिलेंडर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन जिस सिलेंडर में आग धदक रही थी, उसने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते भयंकर आग के बीच सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और मकान की छत जमींदोज हो गई।

अस्पताल ले जाते समय मौत

गंभीर रूप से झुलसी मनीषा को तुरंत सफीदों के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए पानीपत रेफर कर दिया। इसके बाद जब उसे पानीपत से रोहतक पीजीआई भेजा जा रहा था, तब रास्ते में ही मनीषा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतका के शव को दोबारा सफीदों के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मृतका के चचेरे भाई परमजीत ने बताया कि मनीषा ने अपनी स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी कर ली थी। दूसरी ओर, दमकल विभाग के कर्मचारी तेजवीर ने देरी के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही उनकी टीम सफीदों से तुरंत रवाना हो गई थी और मौके पर पहुंचकर मुस्तैदी से आग पर काबू पाया ताकि आसपास के अन्य मकानों को इसकी चपेट में आने से बचाया जा सके।