संजय कुमार, जींद : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंडेला में अटल टिंकरिंग लैब की प्रिंसिपल सहित दो-दो अध्यापकों को कोचिंग दी गई। अटल ट्रैकिंग लैब (अधिक सटीक रूप में अटल टिंकरिंग लैब या एटीएल)भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। इसे अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत देश भर के स्कूलों में स्थापित किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करना है।

अटल टिंकरिंग लैब के मुख्य बिंदु व्यावहारिक शिक्षा (हैडस ऑन लर्निंग), यहां छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर स्वयं करके सीखने (डू इट यूअर सैल्फ) का अवसर दिया जाता है। इस लैब में 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स, सेंसर किट और ओपन सोर्स माइक्रो कंट्रोलर जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध होते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों में डिजाइन थिंकिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग जैसे कौशल विकसित करना है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल नौकरी खोजने वाला (जॉब सीकर) न बनाकर, नई तकनीकों की मदद से वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करने वाला और उद्यमी बनाना है।


पीजीटी अध्यापिका रितु ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब कोचिंग की शुरूआत हो चुकी है। इसके अंदर बच्चों को फिजिक्स विषय को लेकर जानकारी दी जाती है। फिजिक्स में कई ऐसी चीजें हैं जो बच्चों को बोल कर नही समझाई जा सकती है लेकिन लैब के माध्यम से आसानी से बच्चों को समझा सकते हैं। एक रोबोटिक से सारा काम करवा सकते हैं।


प्रिंसिपल बलजीत सिंह ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब की ट्रेनिंग ली है। यह भारत सरकार नीति आयोग का प्रोजेक्ट है। जो पूरे देश में काम कर रहा है। इसको स्किल इंडिया से जोड़ कर देख सकते हैं। स्किल इंडिया का मतलब है मेक इन इंडिया। औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चे स्किल एजुकेशन से जुडेंगे। जैसे थ्रीडी प्रिंटर कैसे काम करता है। एआई से कैसे काम करते हैं। रोबोटिक्स व इंजीनियरिंग है। बच्चा इसके माध्यम से काम करेगा और मॉडल बनाएगा तो कई तरह की प्रतियोगिता व अपने स्टार्टअप में भाग लेंगे। बच्चा अगर कर पाया तो स्किल इंडिया का सपना साकार होगा। इससे वो बहुत खुश हैं। अभी तक जो शिक्षा दी जा रही है, उसके बाद बच्चा करेगा क्या। रोजगार तब आएगा जब बच्चा स्किल से जुडेगा। यह योजना बहुत लाभदायक है।


राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंडेला के प्राचार्य हंसवीर रेढू ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को अधिक से अधिक से जानकारी मिलेगी। 25 स्कूलों के प्रिंसिपल व अध्यापकों ने ट्रेनिंग ली है। इससे बच्चों को नई-नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी। यह योजना बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होगी।