इदरीश मोहम्मद, पन्ना। एमपी के पन्ना के एक युवा के जुनून ने तंगी से लड़कर अपनी तकदीर और तस्वीर दोनों बदल डाली। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के जरुआपुर गांव के रहने वाले सुब्रत कुमार मल्लिक की। साल 2020 तक सुब्रत मात्र 2500 की मामूली पगार पर अतिथि शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। आर्थिक तंगी बढ़ी, तो उन्होंने नौकरी छोड़ पारंपरिक खेती का रास्ता चुना।

शुरुआती सालों में जब उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं हुई, तो सुब्रत कुमार ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक को अपना सारथी बनाया। ​उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में सुब्रत ने ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) अपनाई। इसके बाद उन्होंने ‘ग्राफ्टिंग’ (कलम बांधना) तकनीक का एक अनोखा प्रयोग किया। उन्होंने जंगली बैंगन (भटकटइहा) के रोग-प्रतिरोधक पौधे की जड़ पर टमाटर उगाकर बंपर पैदावार हासिल की।

ये भी पढ़ें: बुंदेलखंड में लोक आस्था का अनोखा नजारा! सूख रहे खेतों को बचाने उतरीं महिलाएं, सैरा नृत्य के बाद बरस पड़े इंद्रदेव

आज वे अपने 5 एकड़ के खेत से टमाटर, खीरा और प्याज जैसी फसलें उगाकर सालाना 4 से 5 लाख का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। कभी तंगी से जूझने वाले सुब्रत आज खुद 5 से 6 स्थानीय लोगों को 400 प्रतिदिन के हिसाब से रोजगार दे रहे हैं। सुब्रत ने साबित कर दिया है कि सही तकनीक और सूझबूझ से खेती को सबसे मुनाफे का सौदा बनाया जा सकता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m