प्रमोद कुमार, कैमूर। पुलिस आचरण के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले दो पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। चैनपुर थाने में पदस्थापित दो सहायक उप-निरीक्षकों (ASI) का बार बालाओं के डांस के दौरान खुलेआम पैसे लुटाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने दोनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​चैनपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में एक शादी समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में मनोरंजन के लिए बार बालाओं के डांस का कार्यक्रम रखा गया था। थाने में तैनात एएसआई सत्येंद्र कुमार और एएसआई चंदन कुमार भी इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। वर्दी और पद की गरिमा को ताक पर रखकर दोनों अधिकारी आगे की कुर्सी पर बैठे और भोजपुरी गानों की धुन पर जमकर आनंद लेते नजर आए। इतना ही नहीं, उन्होंने मंच पर मौजूद नर्तकी पर दोनों हाथों से पैसे भी लुटाए। यह पूरा नजारा किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए इसकी शिकायत सीधे कैमूर एसपी शिखर चौधरी तक पहुंचा दी।

​जांच में खुली पोल और गंभीर आरोपी की संलिप्तता

​वीडियो वायरल होने के बाद एसपी शिखर चौधरी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह वायरल वीडियो दो साल पुराना है। हालांकि, वीडियो पुराना होने के बावजूद इसमें जो सबसे गंभीर बात उजागर हुई, वह यह थी कि दोनों एएसआई के साथ इस कार्यक्रम में एक कुख्यात अपराधी भी मौजूद था। वीडियो में दिख रहा शख्स हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों का आरोपी अजीत यादव है। एक वांटेड और संगीन अपराधों के आरोपी के साथ पुलिस अधिकारियों का इस तरह सार्वजनिक रूप से जश्न मनाना और गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होना विभाग के लिए बेहद शर्मनाक साबित हुआ।

​डीएसपी ने की पुष्टि

​भभुआ डीएसपी ओम प्रकाश ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो की प्राथमिक जांच में चैनपुर थाने के एएसआई सत्येंद्र कुमार और चंदन कुमार की संलिप्तता पूरी तरह सही पाई गई है। उनका यह कृत्य पुलिस आचरण और निर्धारित गाइडलाइंस के बिल्कुल विपरीत है। इसके अलावा, एक वांछित अपराधी के साथ उनकी नजदीकी और इस प्रकार का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। एसपी के निर्देशानुसार दोनों पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की विभागीय कार्रवाई की जा रही है।