प्रमोद कुमार/​कैमूर। बिहार में हरे गमछे को लेकर छिड़ा विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। सोमवार को कैमूर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने नगर के एकता चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की।

​हरे गमछे पर टिप्पणी का विरोध

​इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा हरे गमछे को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी रही। बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता अपने गले में हरा गमछा डालकर एकता चौक पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हरा गमछा केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, किसानों और पिछड़े वर्गों की पहचान है। पार्टी नेताओं ने इसे समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य करार दिया।

​जनमुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजद नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। राजद नेता अजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान सरकारें देश की ज्वलंत समस्याओं जैसे- महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली को सुलझाने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए सरकार जानबूझकर ऐसे विवाद पैदा कर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो राजद अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेगी।

​नारेबाजी और सुरक्षा व्यवस्था

​प्रदर्शन के दौरान एकता चौक का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक रंग में रंगा रहा। एनडीए सरकार होश में आओ महंगाई और बेरोजगारी बंद करो जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस प्रदर्शन में राजद नेता मिलन सिंह, अजीत कुमार सिंह, बिरजू सिंह पटेल, असलम अंसारी, पूर्व सांसद प्रत्याशी बिरेंद्र सिंह कुशवाहा, अशोक सिंह यादव, जनार्दन उपाध्याय, पशुपति नाथ सिंह और सलमान खान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। काफी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बावजूद, यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
​राजद नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध जारी रखेंगे और जनता की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करते रहेंगे।