जिला कैथल की उपायुक्त अपराजिता ने सजूमा गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को नहरी पेयजल की संकरी पाइप बदलवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बीमारी के प्रकोप की समीक्षा की, मृत बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

राकेश कथूरिया, कैथल। डीसी अपराजिता ने बुधवार को गांव सजूमा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गांव में स्वास्थ्य केंद्र एवं नहरी पानी परियोजना स्थल का दौरा किया। वहीं गांव में हुई लड़की की मृत्यु पर घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। डीसी ने गांव वासियों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही जन स्वास्थ्य व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जहां भी पेयजल आपूर्ति में लीकेज आदि के कारण दिक्कत आई है, उसे दुरुस्त किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव में रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी गांव में मौजूद हैं और लोगों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यहां स्थिति अब नियंत्रण में है। ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। दूषित पानी के मामले में 1500 जगहों की जांच की गई है। लगातार सैंपलिंग की जा रही है।

पेयजल सुधार के निर्देश

गांव वासियों की मांग पर गांव में नहरी पानी आपूर्ति की संकरी पाइप को बदला जाएगा। साथ ही गांव के अंदर भी पेयजल पाइप लाइन की जांच की जाएगी। साथ ही गांव को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एस्टीमेट तैयार करके टेंडर लगवाएं और कार्य शुरू करवाएं। गांव वासियों की मांग पर भाखड़ा से भी पानी लाने की फिजिबिलिटी चैक की जाएगी। उन्होंने गांव के बंद पड़े आरओ प्लांट को भी जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।

स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण

डीसी अपराजिता बुधवार को सबसे पहले स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचीं, जहां सिविल सर्जन व अन्य डॉक्टरों की टीम से फीडबैक ली। अधिकारियों ने बताया कि गांव में अभी तक 109 सैंपल किए गए हैं, जिसमें हेपेटाइटिस-ए के 33 और टाइफाइड के 12 मामलों की पुष्टि हुई है। सभी जरूरी टेस्टों की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीणों की सुरक्षा और त्वरित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सजुमा गांव में 24 घंटे स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गांव में एम्बुलेंस (एम्बुलेंस) सेवा को भी चौबीसों घंटे तैनात रखा गया है ताकि किसी भी मरीज को तुरंत उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके। यहां लैब में 24 घंटे टेस्टिंग सुविधा दी गई है। जिसमें कई तरह की बीमारियों की जांच की जा रही है।

शोक संतप्त परिवार से मुलाकात

इसके बाद डीसी अपराजिता गांव सजूमा के सैनी मोहल्ला में विजय पुत्र महेंद्र के घर पहुंची, जहां गत दिनों लगभग उनकी 12 वर्षीय बेटी रितिका की मृत्यु हो गई थी। डीसी ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि प्रशासन आपके साथ है। परिवार का छह वर्षीय बेटा केशव भी सिविल अस्पताल में एडमिट है, जोकि पूर्णत: सही है। मौके पर मौजूद सरपंच अनिल कुमार व अन्य ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने पेयजल संबंधित समस्याओं को डीसी के समक्ष रखा, जिसमें डीसी ने आवश्यक प्रबंध करने के लिए आश्वस्त किया। परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग पर डीसी ने कहा कि परिवार का हर तरह से सहयोग किया जाएगा।

बूस्टर पर सुनीं समस्याएं

इसके बाद डीसी अपराजिता जन स्वास्थ्य विभाग के पेयजल बूस्टर पर पहुंची, जहां अधिकारीगण व ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने डीसी को नहरी पानी की संकरी पाइपलाइन, गांव की खराब पाइपलाइनों, भाखड़ा से पेयजल आपूर्ति, बंद पड़े आरओ प्लांट जैसी समस्याएं बताईं। डीसी ने सभी की समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। सभी अधिकारी समय-समय पर फील्ड का दौरा करें।

गांव में जनस्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्य में लापरवाही की शिकायत पर डीसी ने एसडीएम संजय कुमार को निर्देश दिए कि वे शिकायत अनुसार जांच करें। यदि किसी की कार्य में लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। साथ ही यदि कोई कर्मचारी अपना कार्य अच्छे ढंग से कर रहा है तो उसकी भी रिपोर्ट दें। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करवाएं। जिला प्रशासन के अधिकारी आपका पूरा सहयोग करेंगे। इस बारे में जिले में भी अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम संजय कुमार, जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल, सीएमओ डॉ. रेणू चावला, कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।