कौशांबी दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूह की महिला से ई-रिक्शा की चार लाख रुपये कीमत सुनी तो अधिकारियों से इसकी समीक्षा करने को कहा. उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को ई-रिक्शा की कीमत और खरीद प्रक्रिया की जांच के निर्देश दिए तथा योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करने की बात कही.

कौशांबी. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार को अपने गृह जनपद कौशांबी के दौरे पर पहुंचे. सिराथू तहसील स्थित सयारा सर्किट हाउस में उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक की और इसके बाद अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों तथा सरकारी योजनाओं की समीक्षा की.

दौरे के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वितरित किए जा रहे ई-रिक्शा की कीमत को लेकर डिप्टी सीएम ने सवाल उठाया. एक महिला लाभार्थी से वाहन की कीमत पूछने पर जब चार लाख रुपये की राशि बताई गई तो उन्होंने अधिकारियों के सामने इस कीमत को लेकर नाराजगी जताई.

कीमत पर उठाए सवाल

ई-रिक्शा की चाबी सौंपते समय केशव प्रसाद मौर्य ने लाभार्थी महिला से वाहन की वास्तविक कीमत के बारे में जानकारी ली थी. चार लाख रुपये कीमत बताए जाने पर उन्होंने कहा कि यह रेट सही नहीं है और इसकी समीक्षा की जानी चाहिए.

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मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम ने मौके पर ही मुख्य विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए. सरकारी योजना के तहत ई-रिक्शा की खरीद में भारी कमीशनखोरी या वित्तीय अनियमितता की आशंका को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरी प्रक्रिया की जांच कराने को कहा.

योजनाओं में भ्रष्टाचार पर सख्ती

डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और गरीबों के नाम पर संचालित योजनाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

इससे पहले सयारा सर्किट हाउस में केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद किया. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उन्हें प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने पर जोर दिया.

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विकास कार्यों की समीक्षा

इसके बाद डिप्टी सीएम ने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए और जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली.

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ई-रिक्शा वितरित किए गए. इसी वितरण कार्यक्रम के दौरान ई-रिक्शा की कीमत को लेकर सवाल उठा, जिसके बाद डिप्टी सीएम ने जांच के निर्देश दिए.