लखनऊ. सोशल मीडिया में दिल्ली स्थित कांग्रेस भवन का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें 15 अगस्त पर हुए ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्र गीत वंदे मातरम् को बीच में बंद करने की बातें कही जा रही है. इसे लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. मौर्य ने कहा कि ‘आजादी के पहले और इसके बाद यानी अपनी स्थापना से ही तुष्टिकरण कांग्रेस का स्थायी भाव रहा है. इसलिए राहुल गांधी और उनकी माताजी सोनिया गांधी का नेतृत्व आज तक इससे पिंड छुड़ाने में नाकाम रहा है. इसी कारण से ‘वंदे मातरम्’ का नाम सुनते ही गांधी परिवार और उनके इशारों पर रेंगने वाली कांग्रेस के भीतर बौखलाहट और बेचैनी दौड़ जाती है.’

मौर्य ने आगे कहा कि ‘श्रद्धेय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने अपनी रचना ‘आनंदमठ‘ में ‘वंदे मातरम्’ में मां भारती की तुलना मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी से की थी जो आजादी के संघर्ष में स्वतंत्रता सेनानियों का महामंत्र बना. लेकिन इस संघर्ष के दरम्यान ‘वंदे मातरम्’ का विरोध ऑल इंडिया मुस्लिम लीग और श्री मोहम्मद अली जिन्ना ने किया. उनका विरोध मतलब उनके इशारों पर राजनीति करने वाली कांग्रेस का विरोध. आज भी मुस्लिम वोटबैंक के चक्कर में उसी भंवर में फंसी कांग्रेस उसी कुत्सित मानसिकता को आगे बढ़ा कर नफ़रत का बाज़ार बढ़ा रही है.’

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डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि ‘हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में जो हुआ, उसने गांधी परिवार और कांग्रेस के असली राष्ट्र-विरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है. जब वहां संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा था, तब श्रीमती सोनिया गांधी की छटपटाहट, उनका असंतोष और उस गान को बीच में ही रोकने की ओछी कोशिशों ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया. उनके इस घोर अपमानजनक कृत्य से क्षुब्ध होकर स्वयं श्रद्धेय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी के वंशज को श्रीमती सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगने की मांग करनी पड़ी है. यह वंदे मातरम् का ही नहीं, बल्कि उन असंख्य बलिदानियों का अपमान है जिन्होंने इस मंत्र को जपते हुए देश की स्वाधीनता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.’

उप मुख्यमंत्री ने कहा आगे कहा कि ‘दशकों तक शुरुआत के दो छंदों तक वंदे मातरम् को बांधने वाली कांग्रेस आज पूरे ‘वंदे मातरम्’ के गायन पर बिलबिला रही है. संसद में चर्चा के दरम्यान सदन से वॉकआउट कर उसने फिर अपना असली राजनीतिक चरित्र उजागर कर दिया. ‘वंदे मातरम्’ हमारे राष्ट्र का गौरव और मातृभूमि की आराधना है. कांग्रेस और उसकी आने वाली पीढ़ियों को यह सुनना ही पड़ेगा-

“त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्.
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजलाम् सुफलाम् मातरम्.”

वंदे मातरम्!’