Dharm Desk : Kharmas 2026 : आज 14 अप्रैल से मेष संक्रांति के साथ खरमास समाप्त हो रहा है. वैशाख कृष्ण द्वादशी में दोपहर 11:25 बजे सूर्य देव ने मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश किया हैं. इसी के साथ मीन खरमास का अंत हो जाएगा. यहां बताना जरूरी है कि खरमास 15 मार्च से आरंभ हुआ था. इसके कारण एक महीने तक हिंदू धर्म में शादी-विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य पूरी तरह वर्जित थे.

शादी विवाह का सिलसिला शुरू

खरमास समाप्त होते ही एक बार फिर शादी-विवाह का सिलसिला शुरू हो जाएगा और शहनाई गूंजने लगेगी. अप्रैल से लेकर जुलाई तक हर महीने कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिससे विवाह समारोहों की रौनक देखने को मिलने वाली है, हालांकि इस बीच 17 मई से 15 जून तक मलमास लगने के कारण लगभग एक महीने तक फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा और शादियां नहीं होंगी.

विवाह के लिए शुभ मुहूर्त जरूरी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है. वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र संबंध माना गया है. इसलिए इसमें सही समय का चयन आवश्यक होता है. शास्त्रों में बताया गया है कि शादी के शुभ योग के लिए नौ ग्रहों में बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का अनुकूल होना जरूरी है. रवि और गुरु का संयोग विशेष रूप से सिद्धिदायक और शुभ फल देने वाला माना गया है.

अप्रैल माह में शादी के मुहूर्त

अप्रैल में शादी-विवाह के लिए 7 प्रमुख शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए है. इनमें 20 अप्रैल (सोमवार), 21 अप्रैल (मंगलवार), 25 अप्रैल (शनिवार), 26 अप्रैल (रविवार), 27 अप्रैल (सोमवार), 28 अप्रैल (मंगलवार) और 29 अप्रैल (बुधवार) शामिल है. खरमास की समाप्ति के साथ सीमित समय में ही विवाह, समारोहों के आयोजन की तैयारी तेज हो जाएगी, क्योंकि मलमास के चलते बीच में एक महीने का विराम भी रहेगा.