आशुतोष द्विवेदी, रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रीवा संभाग के लोक निर्माण विभाग प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता सोनू सिंह, सतना स्थित एक टेस्टिंग लैब में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी फर्म निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच का काम करती है। आरोप है कि लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा में काम दिलाने के एवज में प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे द्वारा शिकायतकर्ता से हर महीने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायतकर्ता ने 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी रिश्वत की रकम लेने की बात सामने आई। इसके बाद आज 11 अगस्त 2026 को लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और सिविल लाइन स्थित अटल पार्क के सामने आरोपी के शासकीय आवास पर कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते कैलाश कुमार लच्छे को रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई में कैलाश कुमार लच्छे के कथित अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती की भूमिका भी सामने आई है। लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लोकायुक्त की टीम द्वारा मौके पर आगे की कार्रवाई और दस्तावेजी प्रक्रिया जारी है।

यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में की गई।
 हित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की टीम शामिल रही।

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