लुधियाना। पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने मंगलवार को लुधियाना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया। इसी के साथ लुधियाना, मोहाली और जालंधर के बाद पंजाब का तीसरा ऐसा शहर बन गया है, जहां इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह से लागू हो गया है। सिविल लाइन्स स्थित पुलिस लाइन्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान DGP ने बताया कि शहर के 46 प्रमुख चौराहों पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे न केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का पता लगाएंगे, बल्कि अपने आप ई-चलान भी जेनरेट करेंगे।

इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 और वायरलेस संचार को एकीकृत करने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटकर अब मात्र 7-8 मिनट रह गया है। पूरे शहर में 259 स्थानों पर लगभग 1700 निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, जो अपराधियों और नियम तोड़ने वालों पर पैनी नजर रखेंगे।

अपराधियों का 4 लाख का डेटाबेस और साइबर सुरक्षा

DGP गौरव यादव ने तकनीकी प्रगति का विवरण देते हुए कहा कि पंजाब पुलिस 2019 से ही AI का उपयोग कर रही है। पुलिस के पास वर्तमान में 4 लाख अपराधियों का डेटाबेस है, जिसमें जांच में सहायता के लिए 84,000 व्यक्तियों के वॉयस सैंपल भी शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में पुलिस के आधुनिकीकरण पर 1100 करोड़ रुपये और साइबर विंग को अपग्रेड करने पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे राज्य साइबर धोखाधड़ी की रिकवरी में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।

ड्रोन रोधी प्रणाली से लैस हुआ पंजाब

सीमा सुरक्षा पर बोलते हुए DGP ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 585 स्थानों पर 2,300 कैमरे लगाकर सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस तैयार की गई है। उन्होंने गर्व से कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है जिसके पास अपनी एंटी-ड्रोन प्रणाली है। वर्तमान में तीन सिस्टम काम कर रहे हैं और छह और जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।