Odisha Desk, पुरी: गुंडिचा मंदिर में नौ दिवसीय लीला क्रीड़ा संपन्न करने के बाद आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और प्रभु सुदर्शन पुनः अपने मूल निवास श्रीमंदिर लौट रहे हैं। इस पावन अवसर पर समूचा पुरी बड़ादांड श्रद्धालुओं के ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरिबोल’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। महाप्रभु की वापसी (बहुड़ा यात्रा) के इस अलौकिक पल का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्रीक्षेत्र में उमड़ पड़े हैं।

पूर्व निर्धारित नीति-नियमों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से देवताओं की पारंपरिक पहंडी बिजे यात्रा शुरू होगी। तत्पश्चात अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद अपराह्न 4 बजे तीनों दिव्य रथों को खींचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

“गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर वापसी के इस पावन पर्व पर लाखों भक्त भाव-विभोर हैं। रथ पर विराजमान कालिया साआंत के दिव्य रूप का दर्शन करने के लिए बड़ादांड में अपार जनसैलाब उमड़ा है।”

बहुड़ा यात्रा को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 220 प्लाटून पुलिस बल, केंद्रीय सुरक्षा बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। शहर में ट्रैफ़िक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र सक्रिय है।

लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर चतुर्धा मूर्ति अपने दिव्य धाम में प्रवेश करेंगे। रथों पर विराजमान महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु चातक पक्षी की भांति अपलक दृष्टि से राह ताक रहे हैं। पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा के अनोखे उल्लास से भर गया है।

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