महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में विधान परिषद (Vidhan Parishad Election) की 16 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। ये सभी 16 सीटें स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों की हैं। इन सभी 16 एमएलसी सीटों (विधान परिषद सदस्य) के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव टलने की वजह से विधान परिषद के इन क्षेत्रों के चुनाव भी लंबे समय से लंबित थे, लेकिन हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव होने के बाद अब इन 16 सीटों पर चुनाव का रास्ता पूरी साफ हो गया।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की 16 स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह चुनाव लंबे समय से अटके थे।
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के लिए 16 स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से लंबे समय से लंबित द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। 18 जून को वोटिंग और 22 जून को वोटों की गिनती होगी। अधिसूचना 25 मई को जारी की जाएगी, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है। वहीं, नामांकन की जांच 2 जून को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 4 जून है।
महाराष्ट्र के जिन 16 स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में यह चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें राज्य के लगभग सभी प्रमुख जिले और संभाग शामिल हैं। इसमें ठाणे, सोलापुर, अहिल्यानगर (अहमदनगर), जलगांव, सांगली-सातारा, नासिक, पुणे, नांदेड, यवतमाल, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, अमरावती, धाराशिव-लातूर-बीड, परभणी-हिंगोली और छत्रपती संभाजीनगर-जालना शामिल है।
इस द्विवार्षिक चुनाव के संबंध में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इन जिलों में राजनीतिक दलों और मौजूदा प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग के आचार संहिता दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि स्थानीय निकायों के स्तर की हकीकत यह है कि कागजों पर आपकी जो ताकत दिखती है, जमीन पर भी आपकी ताकत वैसी ही होती है। हाल ही में 10 नए चुने गए सदस्यों के शपथ लेने के साथ सत्ताधारी गठबंधन पूर्ण बहुमत हासिल करने की कगार पर है। बाकी बची 16 स्थानीय निकाय सीटों में से ज्यादातर पर जीत हासिल करने से, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन को विधायिका में पूर्ण वर्चस्व मिल जाएगा.
बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद के 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने विधान भवन में 14 मई को शपथ ली जिनमें भाजपा के सबसे ज्यादा 6 सदस्य शामिल थे। इस महीने की शुरुआत में हुए एमएलसी चुनाव में 9 सदस्यों को निर्विरोध चुना गया था। वहीं, कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुईं प्रज्ञा सातव को उपचुनाव में मिली जीत के बाद सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई।
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