पुरी। ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की नई ई-हुंडी (e-Hundi) प्रणाली ‘समर्पण’ को देश-विदेश के श्रद्धालुओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। इस डिजिटल हुंडी की शुरुआत के महज 45 दिनों के भीतर मंदिर प्रशासन को ₹56.70 लाख का दान प्राप्त हुआ है। आंकड़ों से साफ जाहिर है कि भक्त अब पारंपरिक दान पात्र (हुंडी) के बजाय डिजिटल माध्यम से महाप्रभु जगन्नाथ को दान अर्पित करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चालू वर्ष की वार्षिक रथ यात्रा से ठीक पहले 15 जुलाई को इस डिजिटल पहल ‘समर्पण’ का आधिकारिक शुभारंभ किया था।
दुनिया के किसी भी कोने से दान कर रहे हैं श्रद्धालु
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक डॉ. अरबिंद पाढ़ी ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से अब दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद श्रद्धालु सीधे महाप्रभु के चरणों में दान राशि जमा कर पा रहे हैं। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दान जमा करते ही श्रद्धालुओं को तुरंत उसकी आधिकारिक ई-रसीद (e-Receipt) डाउनलोड करने की सुविधा मिलती है। पारदर्शिता और आसानी की वजह से डिजिटल दान का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
1,811 करोड़ रुपये से अधिक की FD
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में श्रीमंदिर की कुल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) राशि ₹1811 करोड़ को पार कर गई है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत भक्तों द्वारा दिया जाने वाला दान, फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज, मंदिर की जमीनों की बिक्री व अधिग्रहण से प्राप्त राशि और सरकारी अनुदान है।
वित्तीय प्रबंधन को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए मंदिर की कुल आय को तीन प्रमुख कोषों में वर्गीकृत कर राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा किया जाता है:
- राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट: ₹1311.09 करोड़
- राज्य सरकार के पास कॉर्पस फंड (PL Account): ₹500.00 करोड़
- कुल फिक्स्ड डिपॉजिट राशि: ₹1811.09 करोड़
- विभिन्न बैंक खातों में उपलब्ध नकद (Savings/Current/Flexi): ₹100.70 करोड़
डिजिटल हुंडी के अलावा, मंदिर परिसर में स्थापित पारंपरिक दान पात्रों से मिलने वाली राशि में भी इजाफा हुआ है। अकेले पिछले महीने पारंपरिक हुंडी से ₹1.43 करोड़ का दान मिला था। इसमें 24 अगस्त को एक ही दिन में सबसे अधिक ₹6.73 लाख का संग्रह दर्ज किया गया था।
आमतौर पर श्रीमंदिर की हुंडी से हर महीने ₹1 करोड़ से अधिक का दान मिलता है, लेकिन ई-हुंडी ‘समर्पण’ की शुरुआत के बाद मंदिर की कुल आय में काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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