Lifestyle Desk: मखाना आजकल हेल्दी स्नैक के तौर पर काफी पसंद किया जाता है। हल्का, स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाला होने की वजह से लोग इसे शाम की भूख मिटाने से लेकर वर्कआउट के बाद हल्के स्नैक तक के रूप में खाते हैं। लेकिन मखाने के साथ एक आम परेशानी यह है कि पैकेट खुलने के बाद कुछ समय में इसकी कुरकुराहट गायब होने लगती है। हवा में मौजूद नमी को सोखने के कारण मखाने नरम पड़ जाते हैं और उनका स्वाद भी पहले जैसा नहीं रहता।

खासकर बरसात के मौसम में हवा में नमी अधिक होने के कारण यह समस्या तेजी से हो सकती है। ऐसे में नरम हुए मखानों को तुरंत फेंकने की जरूरत नहीं है। अगर उनमें सिर्फ नमी आई है और वे खराब होने के संकेत नहीं दिखा रहे हैं, तो उन्हें दोबारा भूनकर काफी हद तक पहले जैसा कुरकुरा बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं मखाना को दोबारा कुरकुरा बनाने के टिप्स।
धीमी आंच पर दोबारा भूनें
मखानों को कुरकुरा करने का सबसे आसान तरीका है उन्हें कड़ाही में दोबारा भूनना। इसके लिए एक सूखी और साफ कड़ाही लें और उसे धीमी से मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें मखाने डालकर लगातार चलाते हुए कुछ मिनट तक भूनें। तेज आंच पर भूनने से मखाने बाहर से जल्दी जल सकते हैं, जबकि अंदर की नमी रह सकती है। इसलिए धीमी आंच पर धैर्य से भूनना बेहतर रहता है।
अगर चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा घी डालकर भी मखाने भून सकते हैं। नमक, काली मिर्च, हल्दी या अपनी पसंद के मसाले डालकर इन्हें दोबारा स्नैक की तरह तैयार किया जा सकता है।
एयर फ्रायर भी है विकल्प
मखानों को एयर फ्रायर में भी दोबारा क्रिस्प किया जा सकता है। कम तापमान पर थोड़ी देर गर्म करने से उनमें मौजूद अतिरिक्त नमी कम हो सकती है। हालांकि तापमान और समय एयर फ्रायर के मॉडल पर निर्भर करता है, इसलिए बीच-बीच में मखानों को जांचते रहना जरूरी है।
बहुत ज्यादा घी या तेल न डालें
मखाने को भूनते समय चाहें तो थोड़ी मात्रा में घी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा घी या तेल डालने से बचना चाहिए। अगर मखाना पहले से ही नरम हो चुका है, तो उसे दोबारा कुरकुरा करने के लिए ड्राई रोस्टिंग सबसे आसान तरीका है। स्वाद के लिए बाद में जरूरत के अनुसार हल्का घी और सूखे मसाले मिलाए जा सकते हैं।
दोबारा नरम न हों, इसके लिए क्या करें?
मखानों को भूनने के बाद पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद उन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। डिब्बा सूखा और अच्छी तरह बंद होने वाला होना चाहिए। मखानों को गैस, सिंक या ऐसी जगह के पास रखने से बचें जहां भाप और नमी अधिक रहती हो। जरूरत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा निकालना भी बेहतर है, ताकि पूरा स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में न आए।
खराब मखानों को दोबारा न खाएं
ध्यान रखें कि सिर्फ नमी आने और खराब होने में फर्क है। अगर मखानों से अजीब गंध आ रही है, उनका रंग या स्वाद असामान्य हो गया है, उन पर फफूंद दिखाई दे रही है या वे लंबे समय से गलत तरीके से रखे हुए हैं, तो उन्हें दोबारा भूनकर खाना सही नहीं है। ऐसे मखानों को फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प है।
इस तरह थोड़ी सावधानी और सही तरीके से दोबारा भूनने पर केवल नमी के कारण नरम हुए मखानों को फिर से स्वादिष्ट और कुरकुरा बनाया जा सकता है।
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